करोड़ों यूजर्स के लिए बुरी खबर! अब नहीं मिलेंगे सस्ते कॉलिंग प्लान?
रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया (Vi) ने TRAI के उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें टेलीकॉम कंपनियों से केवल वॉयस कॉल और SMS वाले कुछ अतिरिक्त प्लान बाजार में लाने को कहा गया है। लंबे समय से कई उपभोक्ता ऐसे सस्ते प्लान की मांग कर रहे हैं, जिनमें इंटरनेट डेटा शामिल न हो। हालांकि, इस तरह के कुछ प्लान पहले से मौजूद हैं, लेकिन वे ज्यादातर ग्राहकों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते।
TRAI के सुझावों से नाखुश हैं टेलीकॉम कंपनियां
टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि वे पहले ही TRAI के निर्देश पर केवल वॉयस और SMS वाले प्लान लॉन्च कर चुकी हैं। नियामक ने सभी कंपनियों के लिए कम से कम एक ऐसा प्लान उपलब्ध कराना अनिवार्य किया था, जिसके बाद जियो, एयरटेल और Vi ने ऐसे प्लान पेश किए थे।
अब कंपनियों का मानना है कि केवल वॉयस और SMS वाले अतिरिक्त प्लान की जरूरत सीमित है, क्योंकि ज्यादातर ग्राहक डेटा के साथ आने वाले कॉम्बो प्लान को पसंद करते हैं।
नए प्लान लाने के पक्ष में नहीं कंपनियां
फिलहाल निजी टेलीकॉम कंपनियों का ऐसे और प्लान लाने का कोई इरादा नहीं है। भारत में मोबाइल डेटा की कीमत दुनिया के कई देशों के मुकाबले काफी कम है। हालांकि, दूसरे देशों में नेटवर्क कवरेज अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।
जियो, एयरटेल और Vi का कहना है कि वे केवल वॉयस कॉल और SMS वाले नए प्रीपेड प्लान लाने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, देश में एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जिसे ऐसे प्लान की जरूरत महसूस होती है। इनमें बुजुर्ग, कम आय वाले परिवार और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग शामिल हैं। ये उपभोक्ता डेटा का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन मौजूदा प्लान में डेटा के लिए भी भुगतान करना पड़ता है।
25-30 करोड़ फीचर फोन यूजर्स के लिए उठी मांग
इकोनॉमिक टाइम्स (ET) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत में करीब 25 से 30 करोड़ मोबाइल यूजर्स ऐसे हैं, जो अभी भी फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके बावजूद उन्हें डेटा के साथ आने वाले रिचार्ज प्लान खरीदने पड़ते हैं।
उनका तर्क है कि ऐसे ग्राहकों के लिए यह व्यवस्था उचित नहीं है, क्योंकि वे इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल नहीं करते। इसके बावजूद उन्हें महंगे डेटा पैक के लिए भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में बुजुर्गों, कम आय वाले परिवारों और ग्रामीण इलाकों के फीचर फोन यूजर्स के लिए सस्ते वॉयस और SMS प्लान की मांग बढ़ रही है।
जियो ने बताई तकनीकी वजह
इस मुद्दे पर रिलायंस जियो का कहना है कि आज के समय में वॉयस सेवाएं भी डेटा नेटवर्क के जरिए ही संचालित होती हैं। ऐसे में वॉयस और डेटा को पूरी तरह अलग-अलग प्लान में बांटना टेलीकॉम कंपनियों के लिए व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि उन्हें हर हाल में डेटा नेटवर्क की लागत उठानी पड़ती है।
जियो का तर्क है कि कॉलिंग सेवाएं भी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित हैं, इसलिए केवल वॉयस और SMS वाले प्लान को अलग करना आर्थिक रूप से ज्यादा मायने नहीं रखता। फिलहाल इस मुद्दे पर TRAI की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब टेलीकॉम सेक्टर की नजर नियामक और केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।





