₹25 लाख का स्वास्थ्य बीमा, रबर का MSP बढ़ा; केरल बजट में कई बड़े ऐलान
वी.डी. सतीशन प्रशासन ने राज्य के बजट में ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की है। वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने घोषणा की कि इस योजना के तहत हर परिवार को सालाना 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इसके लिए शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना यूडीएफ सरकार के चुनावी वादों का एक अहम हिस्सा थी।
इसके अलावा, मेडिकल संस्थानों में केयरगिवर सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे। राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) का भुगतान लगातार जारी रखा जाएगा। वहीं, मेडी-सीईपी (Medi-CEP) योजना में भी बदलाव किए जाएंगे। वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने अपने बजट भाषण के दौरान निजी बसों पर लगने वाले तिमाही टैक्स में 50 प्रतिशत की कटौती का भी ऐलान किया।
वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने यह भी घोषणा की कि रबर का MSP 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। डेयरी इंडस्ट्री के लिए बजट में 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि नारियल के स्टोरेज के लिए नई सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, राज्य के बजट में काजू इंडस्ट्री के विकास के लिए एक व्यापक योजना का खाका भी पेश किया गया है।
राज्य में मिट्टी के बर्तन (पॉटरी) इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर राज्य में रोजाना दूध उत्पादन को बढ़ाकर एक करोड़ लीटर तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही, अतिरिक्त दूध का इस्तेमाल मूल्य संवर्धित डेयरी उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा, ताकि डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिल सके।
सरकार ने बजट में "ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना" के लिए शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस पहल का मकसद राज्य के लोगों पर महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है।
इसके अलावा, केरल को स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश से "केरल हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज सिटी" की स्थापना की घोषणा की गई है। यह परियोजना राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सरकार ने उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। "जेन-जी एंटरप्रेन्योर" (Gen-G Entrepreneur) कार्यक्रम के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता, ब्याज-मुक्त ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के लिए शुरुआती तौर पर 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, मेडिकल संस्थानों में केयरगिवर सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किए जाएंगे। राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) का भुगतान लगातार जारी रखा जाएगा। वहीं, मेडी-सीईपी (Medi-CEP) योजना में भी बदलाव किए जाएंगे। वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने अपने बजट भाषण के दौरान निजी बसों पर लगने वाले तिमाही टैक्स में 50 प्रतिशत की कटौती का भी ऐलान किया।
कई दूसरी योजनाएं लागू की गई
वित्त मंत्री वी.डी. सतीशन ने यह भी घोषणा की कि रबर का MSP 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रति किलोग्राम किया जाएगा। डेयरी इंडस्ट्री के लिए बजट में 102 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि नारियल के स्टोरेज के लिए नई सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, राज्य के बजट में काजू इंडस्ट्री के विकास के लिए एक व्यापक योजना का खाका भी पेश किया गया है।
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राज्य में मिट्टी के बर्तन (पॉटरी) इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की जाएंगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी कहा कि अगले तीन वर्षों के भीतर राज्य में रोजाना दूध उत्पादन को बढ़ाकर एक करोड़ लीटर तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही, अतिरिक्त दूध का इस्तेमाल मूल्य संवर्धित डेयरी उत्पादों के निर्माण के लिए किया जाएगा, ताकि डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिल सके।
हर परिवार को मिलेगा 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा
सरकार ने बजट में "ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना" के लिए शुरुआती तौर पर 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस पहल का मकसद राज्य के लोगों पर महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम करना है।
इसके अलावा, केरल को स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये के निवेश से "केरल हेल्थ एंड लाइफ साइंसेज सिटी" की स्थापना की घोषणा की गई है। यह परियोजना राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
युवाओं और नए कारोबारों के लिए खास योजना
सरकार ने उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। "जेन-जी एंटरप्रेन्योर" (Gen-G Entrepreneur) कार्यक्रम के तहत युवाओं को वित्तीय सहायता, ब्याज-मुक्त ऋण, अनुदान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के लिए शुरुआती तौर पर 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी।









