लाड़ली बहना योजना: 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में आए 1500 रुपये, ऐसे करें पेमेंट स्टेटस चेक
मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए आज का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के तहत प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 36वीं किस्त की राशि सफलतापूर्वक ट्रांसफर कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से 1800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में भेजी है।
किसत में हुआ है इजाफा
आपको बता दें कि इस योजना की शुरुआत के समय महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। बाद में इसे बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया और अब नवंबर 2025 से इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस बार भी लाभार्थियों को 1500 रुपये की बढ़ी हुई राशि ही प्रदान की गई है, जिससे वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और बच्चों की शिक्षा व पोषण का ध्यान बेहतर तरीके से रख सकेंगी।
इन महिलाओं को मिली राशि
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस बार लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।
सावधान! इन बहनों की अटक सकती है किस्त
खुशखबरी के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि करीब 1 लाख से अधिक महिलाओं के नाम इस बार सूची से हटाए जा सकते हैं या उनकी किस्त रुक सकती है। इसका मुख्य कारण बैंक खाते की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का पूरा न होना है। अगर आपने भी अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो उसे तुरंत पूरा कर लें ताकि आने वाली किस्तों में कोई बाधा न आए।
कैसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस?
अगर आप भी यह जानना चाहती हैं कि आपके खाते में 1500 रुपये आए हैं या नहीं, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकती हैं:
सामाजिक सुरक्षा का बना मजबूत आधार
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि समाज में उनकी गरिमा और आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। अब तक इस योजना के माध्यम से 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस राशि का उपयोग सिलाई मशीन खरीदने, छोटे व्यवसाय शुरू करने या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
भविष्य में भी सरकार का लक्ष्य इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि प्रदेश की हर पात्र महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
किसत में हुआ है इजाफा
आपको बता दें कि इस योजना की शुरुआत के समय महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। बाद में इसे बढ़ाकर 1250 रुपये किया गया और अब नवंबर 2025 से इसे बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इस बार भी लाभार्थियों को 1500 रुपये की बढ़ी हुई राशि ही प्रदान की गई है, जिससे वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और बच्चों की शिक्षा व पोषण का ध्यान बेहतर तरीके से रख सकेंगी। इन महिलाओं को मिली राशि
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस बार लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के आधार लिंक बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।सावधान! इन बहनों की अटक सकती है किस्त
खुशखबरी के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि करीब 1 लाख से अधिक महिलाओं के नाम इस बार सूची से हटाए जा सकते हैं या उनकी किस्त रुक सकती है। इसका मुख्य कारण बैंक खाते की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का पूरा न होना है। अगर आपने भी अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो उसे तुरंत पूरा कर लें ताकि आने वाली किस्तों में कोई बाधा न आए। कैसे चेक करें अपना पेमेंट स्टेटस?
अगर आप भी यह जानना चाहती हैं कि आपके खाते में 1500 रुपये आए हैं या नहीं, तो आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन कर सकती हैं: - सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट (cmladlibahna.mp.gov.in) पर जाएँ।
- होम पेज पर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अब अपना लाड़ली बहना आवेदन क्रमांक या सदस्य समग्र आईडी दर्ज करें।
- स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा कोड को भरें और ओटीपी (OTP) भेजें पर क्लिक करें।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज कर सबमिट करें।
- इसके बाद आपके सामने भुगतान की पूरी जानकारी खुलकर आ जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा का बना मजबूत आधार
मध्य प्रदेश सरकार की यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि समाज में उनकी गरिमा और आत्मविश्वास को भी बढ़ा रही है। अब तक इस योजना के माध्यम से 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी जा चुकी है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाएं इस राशि का उपयोग सिलाई मशीन खरीदने, छोटे व्यवसाय शुरू करने या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।भविष्य में भी सरकार का लक्ष्य इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है ताकि प्रदेश की हर पात्र महिला सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
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