Curry Leaves: स्वाद और सेहत का खजाना, उत्पादन में दुनिया का नंबर 1 है ये देश
Largest Producer of Curry Leaves : भारतीय रसोई की खुशबू कढ़ी पत्ते के बिना अधूरी मानी जाती है। क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कढ़ी पत्ते का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन सा है? भारत कढ़ी पत्ते (Curry Leaves) के उत्पादन में दुनिया भर में पहले स्थान पर है। मुख्य रूप से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों में इसकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। वैज्ञानिक रूप से 'मुराया कोएनिगी' के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा न केवल स्वाद बल्कि आयुर्वेद में अपने औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध है।
कढ़ी पत्ते के उत्पादन में भारत का दबदबा
पूरी दुनिया में कढ़ी पत्ते के उत्पादन और खपत के मामले में भारत का कोई मुकाबला नहीं है। हालाँकि इसके वैश्विक व्यापार के आंकड़े सीमित हैं क्योंकि यह एक विशिष्ट बाजार है, लेकिन भारत घरेलू खपत और खेती दोनों में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत के उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्र इसके विकास के लिए सबसे उपयुक्त हैं। घर के बगीचों से लेकर बड़े व्यावसायिक फार्मों तक, भारत में हर जगह इसकी खेती देखी जा सकती है।
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भारत में कितना होता है उत्पादन?
अनुमान के मुताबिक, भारत दुनिया के कुल कढ़ी पत्ता आपूर्ति में 90% से अधिक का योगदान देता है। मुख्य रूप से इसका उपयोग देश के भीतर ही ताजे पत्तों के रूप में किया जाता है। स्थानीय बाजारों में इन्हें ताज़ा बेचा जाता है, जबकि हर्बल उत्पादों के लिए इन्हें सुखाकर उपयोग में लाया जाता है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य अपनी अनुकूल कृषि जलवायु परिस्थितियों के कारण उत्पादन में सबसे आगे हैं।
कढ़ी पत्ते से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य
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कढ़ी पत्ते के उत्पादन में भारत का दबदबा
पूरी दुनिया में कढ़ी पत्ते के उत्पादन और खपत के मामले में भारत का कोई मुकाबला नहीं है। हालाँकि इसके वैश्विक व्यापार के आंकड़े सीमित हैं क्योंकि यह एक विशिष्ट बाजार है, लेकिन भारत घरेलू खपत और खेती दोनों में शीर्ष पर बना हुआ है। भारत के उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले क्षेत्र इसके विकास के लिए सबसे उपयुक्त हैं। घर के बगीचों से लेकर बड़े व्यावसायिक फार्मों तक, भारत में हर जगह इसकी खेती देखी जा सकती है। ये भी पढ़ें: Cashew Capital Of The World: जानिए कोल्लम के काजू उद्योग का गौरवशाली इतिहास
भारत में कितना होता है उत्पादन?
अनुमान के मुताबिक, भारत दुनिया के कुल कढ़ी पत्ता आपूर्ति में 90% से अधिक का योगदान देता है। मुख्य रूप से इसका उपयोग देश के भीतर ही ताजे पत्तों के रूप में किया जाता है। स्थानीय बाजारों में इन्हें ताज़ा बेचा जाता है, जबकि हर्बल उत्पादों के लिए इन्हें सुखाकर उपयोग में लाया जाता है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य अपनी अनुकूल कृषि जलवायु परिस्थितियों के कारण उत्पादन में सबसे आगे हैं। कढ़ी पत्ते से जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य
- आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी: कढ़ी पत्ते का उपयोग आयुर्वेद में पाचन सुधारने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और बालों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सदियों से किया जा रहा है।
- स्वाद का राजा: दक्षिण भारतीय व्यंजनों जैसे सांभर, रसम, उपमा और चटनी में इसका उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाता है।
- पोषक तत्वों से भरपूर: इन पत्तों में आयरन, कैल्शियम, विटामिन ए, बी, सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- तेजी से बढ़ने वाला पौधा: यह पौधा एक साल के भीतर तैयार हो जाता है और सही देखभाल मिलने पर 20 साल तक पत्तियां दे सकता है।
- वैश्विक मांग: भारतीय प्रवासियों की वजह से ताजे और सूखे कढ़ी पत्तों का निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई और सिंगापुर जैसे देशों में भी किया जाता है।









