LPG डिलीवरी के नाम पर हो रही है ठगी! जानिए स्कैम से बचने के आसान तरीके
आज के समय में साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब गैस सिलेंडर (LPG) की डिलीवरी और बुकिंग के नाम पर भी लोगों से ठगी की जा रही है। कई लोगों को फर्जी कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज भेजकर कहा जाता है कि उनका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है, KYC अपडेट करनी होगी या सब्सिडी पाने के लिए तुरंत लिंक पर क्लिक करना होगा। अगर कोई व्यक्ति जल्दबाजी में इन बातों पर भरोसा कर लेता है, तो उसके बैंक खाते से पैसे निकल सकते हैं या उसकी निजी जानकारी ठगों के हाथ लग सकती है।
इस तरह के स्कैम में ठग खुद को गैस एजेंसी, ऑयल कंपनी या कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर संपर्क करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है या डिलीवरी रोक दी गई है। इसके बाद वे एक लिंक भेजते हैं और उस पर क्लिक करके KYC अपडेट करने या छोटी-सी फीस जमा करने के लिए कहते हैं।
कुछ मामलों में ठग फर्जी वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं। जैसे ही व्यक्ति वहां अपनी बैंक डिटेल, OTP, UPI PIN या कार्ड की जानकारी दर्ज करता है, उसके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
अगर आपको गैस एजेंसी के नाम से कोई कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज मिले, तो सबसे पहले उसकी सत्यता की जांच करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP या UPI PIN किसी के साथ साझा करें।
गैस बुकिंग या KYC अपडेट का काम हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अपनी गैस एजेंसी के जरिए ही करें। अगर कोई व्यक्ति फोन पर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाए, तो सतर्क हो जाएं।
अगर गलती से आपने किसी फर्जी लिंक पर जानकारी साझा कर दी है या आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और कार्ड या UPI सेवा को ब्लॉक कराएं। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
LPG से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अपनी रजिस्टर्ड गैस एजेंसी या आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया, WhatsApp या SMS पर मिलने वाले ऑफर, सब्सिडी, KYC अपडेट या गैस कनेक्शन बंद होने जैसे संदेशों पर बिना जांच किए भरोसा न करें। थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।
कैसे होता है LPG डिलीवरी स्कैम?
इस तरह के स्कैम में ठग खुद को गैस एजेंसी, ऑयल कंपनी या कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर संपर्क करते हैं। वे दावा करते हैं कि आपका गैस कनेक्शन बंद होने वाला है या डिलीवरी रोक दी गई है। इसके बाद वे एक लिंक भेजते हैं और उस पर क्लिक करके KYC अपडेट करने या छोटी-सी फीस जमा करने के लिए कहते हैं।
कुछ मामलों में ठग फर्जी वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली जैसी लगती हैं। जैसे ही व्यक्ति वहां अपनी बैंक डिटेल, OTP, UPI PIN या कार्ड की जानकारी दर्ज करता है, उसके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपको गैस एजेंसी के नाम से कोई कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज मिले, तो सबसे पहले उसकी सत्यता की जांच करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP या UPI PIN किसी के साथ साझा करें।
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गैस बुकिंग या KYC अपडेट का काम हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अपनी गैस एजेंसी के जरिए ही करें। अगर कोई व्यक्ति फोन पर तुरंत भुगतान करने का दबाव बनाए, तो सतर्क हो जाएं।
स्कैम का शिकार होने पर क्या करें?
अगर गलती से आपने किसी फर्जी लिंक पर जानकारी साझा कर दी है या आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें और कार्ड या UPI सेवा को ब्लॉक कराएं। इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही बढ़ सकती है।
सुरक्षित रहने का सबसे आसान तरीका
LPG से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अपनी रजिस्टर्ड गैस एजेंसी या आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया, WhatsApp या SMS पर मिलने वाले ऑफर, सब्सिडी, KYC अपडेट या गैस कनेक्शन बंद होने जैसे संदेशों पर बिना जांच किए भरोसा न करें। थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।









