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LPG Shortage India: दिल्ली-मुंबई में गैस सिलेंडरों की किल्लत, ब्लैक में ₹3000 तक पहुंची कीमत

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों ने भारत के रसोई घरों तक हलचल मचा दी है। सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण देश के कई बड़े शहरों में एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत देखी जा रही है। हालात यह हैं कि दिल्ली से लेकर मुंबई और बेंगलुरु तक, कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक मार्केट में दोगुने तक दामों पर बिक रहे हैं।
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शहरों का हाल: कहां किस भाव बिक रहा सिलेंडर?


स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लैक मार्केट में सिलेंडरों की कीमतें आसमान छू रही हैं:
  • दिल्ली-NCR: घरेलू सिलेंडर 1,400 से 1,500 रुपये के बीच बिक रहा है।
  • मुंबई: यहां कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 2,800 से 3,000 रुपये तक पहुंच गई हैं।
  • बेंगलुरु: ब्लैक मार्केट में सिलेंडर अपनी असली कीमत से 1.5 गुना ज्यादा दाम पर मिल रहे हैं।
  • पटना और पूर्णिया: बिहार के इन शहरों में घरेलू सिलेंडर 1,500 से 2,100 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,000 रुपये के पार जा चुका है।
  • उत्तर प्रदेश (कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या): घरेलू सिलेंडरों पर 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडरों की भारी कमी है।
  • हैदराबाद और कोलकाता: यहां भी कमर्शियल सिलेंडर के लिए लोगों को 3,000 रुपये या उससे अधिक चुकाने पड़ रहे हैं।

घर में कितने सिलेंडर रखना है कानूनी?

होर्डिंग और कालाबाजारी की खबरों के बीच प्रशासन ने नियमों को फिर से स्पष्ट किया है। मौजूदा नियमों के मुताबिक:
  1. एक घरेलू उपभोक्ता एक समय में अधिकतम दो सिलेंडर (एक कनेक्शन पर और एक अतिरिक्त स्पेयर) रख सकता है।
  2. बिना अनुमति के तय सीमा से अधिक सिलेंडर रखना पेट्रोलियम नियमों के तहत दंडनीय अपराध है और इसके लिए जुर्माना भी लग सकता है।

सरकार का एक्शन: कालाबाजारी पर नकेल

केंद्र सरकार ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे वितरण प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें। केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया है कि अफवाहों को रोका जाए और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

कमी की मुख्य वजह:

भारत अपनी जरूरत का लगभग 62% एलपीजी आयात करता है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए हैं, जहां से भारत का 85-90% एलपीजी आयात होता है। हालांकि, सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का आश्वासन दिया है।