New RTO Rules 2026: ड्राइविंग लाइसेंस, चालान और फास्टैग के बदल गए नियम, जानिए क्या हुए बड़े बदलाव
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और डिजिटल ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2026 में मोटर वाहन नियमों (Central Motor Vehicle Rules) में कई बड़े बदलाव लागू किए हैं। आरटीओ (RTO) के ये नए नियम ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रैफिक चालान के निपटारे और नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स चुकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फास्टैग (FASTag) से सीधे जुड़े हुए हैं। यदि आप कार, बाइक या किसी भी प्रकार का वाणिज्यिक वाहन चलाते हैं, तो इन नए नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, वरना छोटी सी लापरवाही भी भारी जुर्माने या लाइसेंस रद्द होने का कारण बन सकती है।

ट्रैफिक चालान और ड्राइविंग लाइसेंस के नए और सख्त नियम
सड़क परिवहन मंत्रालय ने यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन पर रोक लगाने के लिए चालान भुगतान की समय सीमा और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन को लेकर नए प्रावधान किए हैं:
- 45 दिनों में चालान का भुगतान अनिवार्य: अब किसी भी ट्रैफिक चालान (e-Challan) के जारी होने के बाद उसे 45 दिनों के भीतर जमा करना आवश्यक होगा। यदि कोई वाहन मालिक 45 दिनों के भीतर चालान राशि नहीं भरता है, तो उसे आरटीओ की सभी सेवाओं जैसे आरसी ट्रांसफर, फिटनेस सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल से ब्लॉक कर दिया जाएगा।
- 5 चालान पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द: नए नियमों के मुताबिक यदि कोई चालक एक ही साल में 5 या उससे अधिक बार यातायात नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
- चालान विवाद का 30 दिनों में समाधान: यदि किसी वाहन चालक को गलत चालान जारी हो जाता है, तो अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर उस विवाद का निपटारा करना होगा। यदि 30 दिनों में शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो वह चालान अमान्य (Void) मान लिया जाएगा।
- भारी जुर्माना दरें: बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने पर 5,000 रुपये, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहली बार 10,000 रुपये और बिना बीमा गाड़ी चलाने पर 2,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
फास्टैग (FASTag) और टोल टैक्स संग्रह के नए नियम
सड़क परिवहन मंत्रालय और एनएचएआई (NHAI) ने टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए फास्टैग नियमों में निम्नलिखित सुधार किए हैं:
- रूटीन केवाईसी (KYC) प्रक्रिया समाप्त: 1 फरवरी 2026 से निजी कारों, जीपों और वैन के लिए नया फास्टैग जारी होने के बाद बार-बार रूटीन केवाईसी कराने की जरूरत नहीं होगी। अब बैंक फास्टैग एक्टिवेट करने से पहले वाहन के 'वाहन' (VAHAN) डेटाबेस या आरसी के जरिए सत्यापन करेंगे।
- कैश पेमेंट बंद: टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को पूरी तरह हतोत्साहित किया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर कैश में भुगतान करने पर दोगुना टोल टैक्स वसूला जाएगा।
- यूपीआई से टोल भुगतान पर 1.25 गुना चार्ज: यदि आपके पास वैध फास्टैग नहीं है और आप टोल प्लाजा पर यूपीआई जैसे डिजिटल माध्यम से भुगतान करते हैं, तो आपको मानक टोल दर का 1.25 गुना (यानी 25 प्रतिशत अतिरिक्त) शुल्क देना होगा। वैध फास्टैग वाले वाहनों को ही सामान्य दर पर टोल की सुविधा मिलेगी।
- विंडशील्ड पर सही टैग लगाना अनिवार्य: फास्टैग को गाड़ी की सामने वाली विंडशील्ड पर सही तरीके से लगाना अनिवार्य है। गलत तरीके से लगाए गए या खराब पड़े फास्टैग पर जुर्माना लगाया जा सकता है या टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
डिजिलॉकर और एमपरिवहन के डिजिटल दस्तावेजों को मान्यता
नए आरटीओ नियमों के तहत गाड़ी चलाते समय कागजी दस्तावेज साथ रखने की अनिवार्यता खत्म हो चुकी है। चेकिंग के दौरान वाहन चालक अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर (DigiLocker) या एमपरिवहन (mParivahan) ऐप के जरिए अपना डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) और बीमा दस्तावेज दिखा सकते हैं। ये डिजिटल रिकॉर्ड्स पूरी तरह से कानूनी रूप से मान्य हैं।
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