Milk Price Hike: नए वित्त वर्ष में आम आदमी की जेब ढीली, दूध और गैस महंगे
आम जनता के लिए महंगाई का एक और बड़ा झटका सामने आया है। 1 अप्रैल से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दूध की कीमतों में 2 रुपये से लेकर 4 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। मध्य प्रदेश मिल्क वेंडर्स फेडरेशन के अनुसार ईंधन और ऊर्जा दरों में बदलाव के साथ ही इंदौर, उज्जैन, भोपाल और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में दूध के दाम बढ़ गए हैं।
नए वित्त वर्ष के पहले दिन से ही ये नई दरें लागू हो गई हैं। इंदौर के विक्रेताओं ने बताया कि जो खुला दूध पहले 60 रुपये प्रति लीटर मिलता था अब उसकी कीमत 63 रुपये प्रति लीटर हो गई है। स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर अन्य शहरों में भी इसी तरह का उछाल देखा गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खुले दूध पर लागू हुई है जिसका उपयोग शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों के घरों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
दूध विक्रेताओं का कहना है कि यह फैसला मौसमी चुनौतियों और बढ़ती लागत के कारण लिया गया है। मध्य प्रदेश मिल्क वेंडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि गर्मी के मौसम में हरे चारे की कमी और पशु आहार की कीमतों में वृद्धि के कारण हमें दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा। वैसे भी गर्मियों में मवेशियों की दूध उत्पादन क्षमता कम हो जाती है।
ईंधन और एलपीजी के दाम भी बढ़े
दूध की कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब 1 अप्रैल से ऊर्जा की लागत भी बढ़ गई है। प्रमुख शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और छोटे रिफिल पैक महंगे हो गए हैं। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग 200 रुपये का इजाफा हुआ है जबकि कोलकाता में दरें और भी तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे मार्च के स्तर पर ही स्थिर हैं।
हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में उछाल
इसके अतिरिक्त मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। एटीएफ की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर एयरलाइंस पर पड़ा है विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ईंधन की लागत काफी बढ़ गई है। अधिकारियों ने इन बदलावों के लिए वैश्विक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है जिसमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव शामिल है जिससे मुख्य आपूर्ति मार्ग प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
नए वित्त वर्ष के पहले दिन से ही ये नई दरें लागू हो गई हैं। इंदौर के विक्रेताओं ने बताया कि जो खुला दूध पहले 60 रुपये प्रति लीटर मिलता था अब उसकी कीमत 63 रुपये प्रति लीटर हो गई है। स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर अन्य शहरों में भी इसी तरह का उछाल देखा गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खुले दूध पर लागू हुई है जिसका उपयोग शहरी और अर्ध शहरी क्षेत्रों के घरों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
दूध विक्रेताओं का कहना है कि यह फैसला मौसमी चुनौतियों और बढ़ती लागत के कारण लिया गया है। मध्य प्रदेश मिल्क वेंडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि गर्मी के मौसम में हरे चारे की कमी और पशु आहार की कीमतों में वृद्धि के कारण हमें दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा। वैसे भी गर्मियों में मवेशियों की दूध उत्पादन क्षमता कम हो जाती है।
ईंधन और एलपीजी के दाम भी बढ़े
दूध की कीमतों में यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब 1 अप्रैल से ऊर्जा की लागत भी बढ़ गई है। प्रमुख शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और छोटे रिफिल पैक महंगे हो गए हैं। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग 200 रुपये का इजाफा हुआ है जबकि कोलकाता में दरें और भी तेजी से बढ़ी हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे मार्च के स्तर पर ही स्थिर हैं। हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में उछाल
इसके अतिरिक्त मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। एटीएफ की कीमतों में इस उछाल का सीधा असर एयरलाइंस पर पड़ा है विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर ईंधन की लागत काफी बढ़ गई है। अधिकारियों ने इन बदलावों के लिए वैश्विक कारकों को जिम्मेदार ठहराया है जिसमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी तनाव शामिल है जिससे मुख्य आपूर्ति मार्ग प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। Next Story