TMC में घमासान के बीच दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी बैठक, प्रदेश अध्यक्ष से AICC सचिव तक रहे मौजूद, जानें मामला क्या है
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में गुरुवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय इंदिरा भवन में पार्टी के महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और कई अन्य नेता मौजूद थे।

कांग्रेस नेताओं की यह अहम बैठक हालिया विधानसभा चुनावों और तृणमूल कांग्रेस में चल रही फूट के बीच हुई है। इस बैठक से एक दिन पहले केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए यह आपात बैठक बुलाई गई है।
क्यों हुई आपात बैठक
अगस्त में होगी गठबंधन की अगली बैठक
यह बैठक सोमवार को हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद आयोजित की गई। बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि INDIA गठबंधन की सभी पार्टियां राष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर समन्वय के लिए हर दो महीने में बैठक करेंगी। गठबंधन की अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।
खरगे ने बताया कि INDIA गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया है। साथ ही विपक्षी दलों ने NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
कांग्रेस नेताओं की यह अहम बैठक हालिया विधानसभा चुनावों और तृणमूल कांग्रेस में चल रही फूट के बीच हुई है। इस बैठक से एक दिन पहले केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए यह आपात बैठक बुलाई गई है।
क्यों हुई आपात बैठक
- जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को हुई इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा बीजेपी द्वारा केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के प्रचार अभियान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रेकॉर्ड पार करने से जुड़े राजनीतिक विमर्श का जवाब देने की रणनीति पर चर्चा की गई।
- पार्टी नेतृत्व दल-बदल की बढ़ती घटनाओं और विपक्षी दलों के बीच समन्वय को मजबूत करने के मुद्दे पर भी विचार किया है। राज्यों में संभावित सहयोगी दलों के साथ तालमेल बढ़ाने और विपक्षी गठबंधन के विस्तार को लेकर भी मंथन होने की संभावना है।
- कहा जा रहा है कि इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों के लोकसभा में अलग समूह के रूप में बैठने और भाजपा नीत सरकार की प्राथमिकताओं के साथ जाने की अटकलों के बीच कांग्रेस विपक्षी एकजुटता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की गई।
अगस्त में होगी गठबंधन की अगली बैठक
यह बैठक सोमवार को हुई INDIA गठबंधन की बैठक के बाद आयोजित की गई। बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि INDIA गठबंधन की सभी पार्टियां राष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर समन्वय के लिए हर दो महीने में बैठक करेंगी। गठबंधन की अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।
खरगे ने बताया कि INDIA गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया है। साथ ही विपक्षी दलों ने NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
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