साइबर क्राइम से क्रिप्टो रैकेट तक, भारत में विदेशियों की एंट्री और रहने के नियम सख्त; देश में ऐसे होगी ब्लैकलिस्टिंग

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नई दिल्ली: भारत ने विदेशियों को ब्लैकलिस्ट करने के नियमों का दायरा बढ़ा दिया है। अब साइबर क्राइम, बच्चों से दुर्व्यवहार, चाइल्ड ट्रैफिकिंग, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े रैकेट और आतंक या विध्वंसक गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद भी कार्रवाई के स्पष्ट आधार होंगे। नए दिशा-निर्देशों में विदेशियों के प्रवेश और भारत में रहने पर रोक लगाने के नियम बताए गए हैं।

यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी का मामला चर्चा में है। एनआईए ने मार्च 2026 में उन्हें गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग दी थी।
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साइबर क्राइम और चाइल्ड ट्रैफिकिंग भी दायरे में
  • नए फ्रेमवर्क में साइबर अपराध, बच्चों से दुर्व्यवहार और मानव तस्करी के तहत चाइल्ड ट्रैफिकिंग को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
  • क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े रैकेट, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला के जरिए आतंकी या विध्वंसक गतिविधियों को पैसा देना भी आधार बनाया गया है।

2025 के आदेश से भी जुड़ा है नियमइमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 में जासूसी, आतंकवाद, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी, साइबर क्राइम और चाइल्ड अब्यूज जैसे मामलों में विदेशी के प्रवेश या रहने पर रोक का प्रावधान है। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को प्रतिबंधित विदेशियों की अपडेटेड सूची रखनी होगी।


Grade A से D तक चार श्रेणियां
  • Grade A में गंभीर सुरक्षा और आपराधिक मामले शामिल हैं। इसमें गैरकानूनी संगठनों से जुड़े लोग और यूएन ब्लैकलिस्ट वाले व्यक्ति भी आते हैं।
  • Grade B में 3 साल से कम सजा वाले अपराध, बार-बार इमिग्रेशन नियम तोड़ना और कुछ वित्तीय उल्लंघन शामिल हैं।
  • Grade D में कुछ छोटे उल्लंघन, जैसे 90 दिन तक का ओवरस्टे, आते हैं।
  • Grade A के फैसले के लिए गृह मंत्रालय के कम से कम जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी या ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के कमिश्नर की मंजूरी जरूरी होगी।

  • 7 साल तक के बच्चों को राहतविदेशी बच्चों को लेकर भी खास प्रावधान है। 7 साल तक की उम्र के बच्चों को ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाएगा। इमिग्रेशन अधिकारियों को धमकाने या रोकने जैसे मामलों में भी कार्रवाई केवल असाधारण स्थिति में और दस्तावेजी सबूत के आधार पर होगी।


    वैनडाइक मामले में क्या हुआ?13 मार्च को गिरफ्तार वैनडाइक को 18 सितंबर को डिफॉल्ट जमानत मिली। 6 यूक्रेनी नागरिकों को 23 सितंबर को जमानत मिली। एनआईए की चार्जशीट में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट की धाराएं लगाई गईं, जबकि यूएपीए जांच जारी रहने की बात सामने आई। बाद में कोर्ट ने सातों को एक महीने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जाने की अनुमति दी।