'भारत मां नहीं, हम भारत के लोग..': असदुद्दीन ओवैसी बोले- वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के बराबर नहीं मानेंगे
नई दिल्ली: एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान वैधानिक दर्जा दिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रगान के बराबर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह एक देवी को समर्पित है।
गुरुवार को एक लंबे-चौड़े एक्स पोस्ट में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि देश देवता या देवी के नाम पर नहीं चलता और यह किसी देवी या देवता का है भी नहीं।

बंकिम चंद्र चटर्जी बताया मुस्लिम विरोधी
ओवैसी ने लिखा है, 'जन गण मन भारत और उसके लोगों का गुणगान है, न कि किसी खास धर्म का। धर्म और देश समान नहीं है। जिस व्यक्ति ने वंदे मातरम् लिखा, उनकी ब्रिटिश राज के प्रति सहानुभूति थी और मुसलमानों से नफरत करते थे। नेताजी बोस, गांधी, नेहरू और टैगोर सबने इसे खारिज किया।'
'भारत किसी देवी या देवता का नहीं है'
तेलंगाना बीजेपी ने जिन्ना से की ओवैसी की तुलना
मोदी सरकार ने दिया है वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसा दर्जा
गुरुवार को एक लंबे-चौड़े एक्स पोस्ट में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा कि देश देवता या देवी के नाम पर नहीं चलता और यह किसी देवी या देवता का है भी नहीं।
बंकिम चंद्र चटर्जी बताया मुस्लिम विरोधी
ओवैसी ने लिखा है, 'जन गण मन भारत और उसके लोगों का गुणगान है, न कि किसी खास धर्म का। धर्म और देश समान नहीं है। जिस व्यक्ति ने वंदे मातरम् लिखा, उनकी ब्रिटिश राज के प्रति सहानुभूति थी और मुसलमानों से नफरत करते थे। नेताजी बोस, गांधी, नेहरू और टैगोर सबने इसे खारिज किया।'
'भारत किसी देवी या देवता का नहीं है'
- ओवैसी ने कहा है कि संविधान सभा के कुछ सदस्य चाहते थे कि प्रस्तावना की शुरुआत 'किसी देवी' के नाम से हो।
- ऐसे सदस्यों ने विशेष तौर पर 'वंदे मातरम्' पर जोर दिया।
- अन्य चाहते थे कि इसकी शुरुआत 'देवता के नाम पर' हो।
- ओवैसी ने कहा कि संविधान सभा में यह सारे ही संशोधन गिर गए।
तेलंगाना बीजेपी ने जिन्ना से की ओवैसी की तुलना
- तेलंगाना बीजेपी के अध्यक्ष एन रामचंद्र राव ने असदुद्दीन ओवैसी की आपत्ति पर ऐतराज जताते हुए कहा कि वे किसी भी सांस्कृतिक एकीकरण के प्रयास को धार्मिक खतरे की तरह देखते हैं।
- उन्होंने आरोप लगाया कि जिन्ना भी यही हथकंडा अपनाता था।
- बीजेपी नेता के मुताबिक अपने शुरुआती राजनीतिक करियर में जिन्ना ने वंदे मातरम् का विरोध नहीं किया।
- जब, जिन्ना कांग्रेस छोड़कर निकल गया, तब उसने वंदे मातरम् का विरोध शुरू कर दिया।
- उन्होंने अपने एक्स पोस्ट पर लिखा, 'यह हमें क्या बताता है? एक बार जब राजनीति रिलिजियस इक्स्क्लूसविजम पर निर्भर हो जाती है, तो सभ्यता के हर प्रतीक को खतरा बता दिया जाता है।'
- उनके आरोपों के अनुसार इसी पैटर्न पर ओवैसी की पार्टी यूनिफॉर्म सिविल कोड, ट्रिपल तलाक के खात्मे का भी विरोध करती है और कर चुकी है।
मोदी सरकार ने दिया है वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जैसा दर्जा
- दरअसल, केंद्र सरकार ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिससे जन गण मन की तरह ही वंदे मातरम् को भी किसी तरह से बाधित करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
- इससे राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को वही वैधानिक सुरक्षा मिल जाती है, जो राष्ट्रगान जन गण मन को मिली हुई है।
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