BRICS 2026: आतंकवाद, ग्लोबल साउथ पर भारत का सीधा संदेश, ब्रिक्स देशों के NSA से मुलाकात में PM मोदी ने खींच दी बड़ी लकीर

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नई दिल्ली: भारत ने भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए ब्रिक्स देशों को हर तरह से तैयार रहने को आगाह किया है। ब्रिक्स की अध्यक्षता अभी भारत के पास है, इस जिम्मेदारी के तहत इसने सदस्य देशों को हर उस मुद्दे को लेकर एकजुट रहने का आह्वान किया है, जो संकट भी बन सकता है और साथ मिलकर जिसका आसानी से समाधान भी निकला जा सकता है।

भारत का यह नजरिया पहले ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की आपसी बैठक में एनएसए अजीत डोभाल के माध्यम से जाहिर हुआ और फिर जब तमाम सदस्य देशों के एनएसए की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई तो उन्होंने भी बड़ी स्पष्टता के साथ भारतीय दृष्टिकोण उनके सामने रख दिया।
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ग्लोबल साउथ और आतंकवाद पर फोकस
पीएम मोदी ने मंगलवार (23 जून, 2026) को ब्रिक्स देशों के एनएसए से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत के द्वारा ब्रिक्स की अगुवाई करने से ग्लोबल साउथ को लेकर इसकी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य आतंकवाद, साइबर सुरक्षा से लेकर अन्य चुनौतियों से निपटने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।


ब्रिक्स की बैठक से कहां तक पहुंचा संदेश