India US relations: चीन को बांधने की तैयारी? पाकिस्तान को भी लगेगी मिर्ची, दोनों NSA रुबियो-डोभाल की बैठक में क्या हुआ
नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत यात्रा पर आए हैं। यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होने वाली है। इससे पहले रविवार को रुबियो ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मार्को रुबियो इस समय अमेरिका के एनएसए की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

मार्को रुबियो और अजीत डोभाल के बीच रविवार को हुई द्विपक्षीय बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि यह चर्चा डिफेंस, सिक्योरिटी और स्ट्रैटजिक टेक्नोलॉजी से जुड़े सहयोग पर आधारित थी, जिसमें 'ट्रस्ट पहल'(TRUST initiative) भी शामिल है।
व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
इंडो-पैसिफिक को किसी दबदबे से मुक्त रखने की पहल
दोनों एनएसए के अनुभवों का क्वाड को मिलेगा लाभ
चीन-पाकिस्तान के नापाक गठजोड़ तोड़ने के लिए जरूरी
मार्को रुबियो और अजीत डोभाल के बीच रविवार को हुई द्विपक्षीय बैठक के बारे में विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि यह चर्चा डिफेंस, सिक्योरिटी और स्ट्रैटजिक टेक्नोलॉजी से जुड़े सहयोग पर आधारित थी, जिसमें 'ट्रस्ट पहल'(TRUST initiative) भी शामिल है।
व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
- विदेश मंत्रालय के अनुसार आपसी चर्चा के दौरान दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दिए जाने पर जोर दिया।
- दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी आपस में संवाद किया।
- TRUST का मतलब-ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रैटजिक टेक्नोलॉजी है।
इंडो-पैसिफिक को किसी दबदबे से मुक्त रखने की पहल
- अगर मौजूदा जियोपॉलिटिक्स और क्वाड विदेश मंत्रियों की होने वाली बैठक की संभावनाओं के हिसाब से देखें तो अमेरिका और भारत के बीच यह चर्चा चीन की विस्तारवादी नीतियों पर नजर रखने की एक बड़ी पहल साबित हो सकती है।
- इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम रीजन को सुरक्षित रखने में भारत और अमेरिका का साझा हित तो जुड़ा ही है, जापान और ऑस्ट्रेलिया का भी हित इसमें शामिल है।
- चीन जिस तरह से क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ाने की लागातर कोशिशें कर रहा है, उसको लेकर भारत और अमेरिका ही नहीं, क्वाड के अन्य दोनों सदस्य देश जापान और ऑस्ट्रेलिया भी चिंतित हैं।
- भारत और अमेरिका के बीच इस क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी से हिंद महासागर ही नहीं, दक्षिण चीन सागर (SCS) क्षेत्र में भी मुक्त, खुला और निर्बाध व्यापार सुनिश्चित हो सकता है।
दोनों एनएसए के अनुभवों का क्वाड को मिलेगा लाभ
- क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले भारत और अमेरिका के शीर्ष सुरक्षा नेतृत्वों के बीच हुई यह बैठक पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन से मिल रही सुरक्षा चुनौतियों के लिए खास है।
- इससे क्वाड बैठक से पहले इस मसले पर चारों देशों के सामने आपसी सुरक्षा चर्चा को एक ठोस आधार मिल गया है।
- क्योंकि, मार्को रुबियो और अजीत डोभाल दोनों ही अपने क्षेत्र के सुरक्षा एक्सपर्ट हैं और इनके अनुभव का लाभ समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सभी क्वाड देशों को मिल सकता है।
चीन-पाकिस्तान के नापाक गठजोड़ तोड़ने के लिए जरूरी
- मार्को रुबियो के साथ अजीत डोभाल की हुई द्विपक्षीय मुलाकात से पाकिस्तान को भी मिर्ची लगनी तय है।
- हाल ही में चीन की ओर से आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को सक्रिय सपोर्ट करने की पोल खुल चुकी है।
- सीमा-पार मौजूद आतंकी नेटवर्क और उसे संरक्षण देने में चीन-पाकिस्तान के इस गठजोड़ को तोड़ने में अब भारत और अमेरिका के बीच इंटेलिजेंस साझा करने में सहयोग का दायरा बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है।
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