'तरंग शक्ति 2026' में भारत की मेहमाननवाजी से गद-गद हुए बांग्लादेशी वायुसेना के अधिकारी, जानिए क्या कहा

Newspoint
नई दिल्लीः आसमान में लड़ाकू विमानों की ताकत दिखाने के साथ-साथ भारत ने अपनी मेहमाननवाजी से भी विदेशी वायुसेना के अधिकारियों का दिल जीत लिया। भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' में शामिल हुए बांग्लादेश वायुसेना के एक अधिकारी ने भारत में मिले अनुभवों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में शामिल होना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा और भारतीय वायुसेना ने ऑब्जर्वर का जिस तरह स्वागत किया, वह शानदार था।
Hero Image

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बांग्लादेशी वायुसेना के ऑब्जर्वर के अनुभव बताते नजर आते हैं। जहां वे भारतीय वायुसेना की तारीफ के पुल बांधते सुने जा सकते हैं। उन्होंने ऑपरेशनल प्लानिंग बनाने, अलग-अलग देशों की भागीदारी, रक्षा उद्योग से जुड़ी गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। जिसके साथ ही, उन्होंने खासतौर पर भारतीय वायुसेना की हॉस्पिटैलिटी यानी मेजबानी की बेहद तारीफ की। उनके बयान का सबसे खास हिस्सा भारतीय वायुसेना की मेहमाननवाजी को लेकर ही था।


तरंग शक्ति 2026 में क्या हुआ?भारतीय वायुसेना ने 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना और मिलकर जटिल हवाई अभियानों की तैयारी करना था।


अधिकारी ने किन बातों की तारीफ की?वीडियो में बांग्लादेशी पर्यवेक्षक ने अपने संबोधन की शुरुआत धन्यवाद देकर की। उन्होंने कहा कि तरंग शक्ति 2026 का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और खुशी की बात थी। उन्होंने खास तौर पर इन बातों का जिक्र किया:

  • ऑपरेशनल प्लानिंग: अभियान की योजना बनाने और उसे पूरा करने की प्रक्रिया से सीखने का मौका मिला।
  • अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: अलग-अलग देशों के वायुसेना कर्मियों के साथ काम करने और अनुभव साझा करने का अवसर मिला।
  • रक्षा उद्योग: भारत की रक्षा तकनीक और उद्योग से जुड़ी गतिविधियां भी उपयोगी रहीं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: सैन्य अभ्यास के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों ने भी अनुभव को खास बनाया।

भारत की मेहमाननवाजी ने जीता दिलअधिकारी ने भारतीय वायुसेना की मेहमाननवाजी को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षकों का जिस तरह स्वागत किया गया, वह वास्तव में बेहतरीन था। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भारतीय वायुसेना को इसके लिए धन्यवाद भी दिया।


7 देशों की वायुसेनाओं ने लिया हिस्सारक्षा मंत्रालय के अनुसार, तरंग शक्ति 2026 में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायुसेनाओं ने हिस्सा लिया। इसके अलावा 32 देशों के पर्यवेक्षक भी शामिल हुए। इस अभ्यास ने सैन्य सहयोग के साथ पेशेवर अनुभव, तकनीक और संस्कृतियों को समझने का अवसर दिया।