कांग्रेस की 3 मांग, निशाने पर ईवीएम, SIR और ज्ञानेश कुमार, महिला पत्रकारों के उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया
नई दिल्ली: कांग्रेस ने 3 डिमांड सामने रख दी हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है। सभी मांगें माननी ही होंगी। कोई भी मांग नामंजूर करने का विकल्प नहीं है। इन 3 मुद्दों को लेकर ही कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं पूरा INDIA गठबंधन इन तीन मुद्दों की मुखाफिलत कर रहा है। ये तीन डिमांड कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर बताई हैं।
युवा संगठनों को कांग्रेस का साथकांग्रेस ने इन 3 मुद्दों के अलावा एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। पार्टी ने कहा,'जो भी युवा संगठन इन मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं कांग्रेस उनके साथ है। जो भी सिविल सोसाइटी के सदस्य सड़कों पर उतरे हैं पार्टी उनके साथ है।'

दिल्ली की घटना की कड़ी निंदाकांग्रेस ने दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक घटना का मुद्दा भी उठाया है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली में महिला पत्रकारों का उत्पीड़न किया। ये घटना बेहद निंदनीय है। पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा,'तानाशाह बहुत घबराया हुआ है, ध्यान भटकाने के एक और अध्याय के लिए तैयार रहिए।'
क्या है कांग्रेस की 3 मांगमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा अलग-अलग राज्यों में चल रहे SIR को रद्द करना बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी रखी कांग्रेस अध्यक्ष ने किया पोस्टइन 3 मुद्दों का विरोध क्यों
युवा संगठनों को कांग्रेस का साथकांग्रेस ने इन 3 मुद्दों के अलावा एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। पार्टी ने कहा,'जो भी युवा संगठन इन मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं कांग्रेस उनके साथ है। जो भी सिविल सोसाइटी के सदस्य सड़कों पर उतरे हैं पार्टी उनके साथ है।'
दिल्ली की घटना की कड़ी निंदाकांग्रेस ने दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक घटना का मुद्दा भी उठाया है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने दिल्ली में महिला पत्रकारों का उत्पीड़न किया। ये घटना बेहद निंदनीय है। पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा,'तानाशाह बहुत घबराया हुआ है, ध्यान भटकाने के एक और अध्याय के लिए तैयार रहिए।'
क्या है कांग्रेस की 3 मांग
- मुख्य चुनाव आयुक्त और 2 चुनाव आयुक्तों में 10 महीनों के अंदर 14 बार मतभेद हुआ। चुनाव आयुक्तों ने इतनी ही बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई।
- विपक्ष का दावा है कि SIR को लेकर चलाई जा रही प्रक्रिया में बड़ी खामी है। गलत तरीके से लोगों का नाम काटा जा रहा है।
- कई मौकों पर विपक्ष ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर चुका है। इसलिए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी है।
Next Story