हीटवेव में चुनाव कराने की चुनौती, भीषण गर्मी के बीच कैसे होगी मतदान की तैयारी
नई दिल्ली: भारत में हीटवेव तेजी से बढ़ रही है। इसका असर लोगों की सेहत, पर्यावरण और समाज पर भी दिख रहा है। विश्व बैंक के अनुसार, 2030 तक भारत में 20 करोड़ से ज्यादा लोग अत्यधिक गर्मी झेलेंगे। इतनी गर्मी के कारण लोगों की काम करने की क्षमता कम हो जाएगी, जिससे करीब 3 करोड़ लोगों की नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका है।
सुरक्षा पर ध्यान: इस साल कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। पिछले दिनों असम, पुद्दुचेरी और केरलम में मतदान हुआ है। अब अगले हफ्ते पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग होनी है। इसलिए सरकार को खासकर बाहर होने वाले चुनावी कार्यक्रमों में लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। हीटवेव से बचने के लिए पहले से तैयारी और मिलकर काम करना जरूरी है।

भागीदारी अहम: गर्मी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना, सही जानकारी देना और समय पर चेतावनी देना बहुत जरूरी है। चुनाव के दौरान भीड़ और शेड की कमी से खतरा बढ़ सकता है। 2023 की नवी मुंबई की घटना से सबक सीखा जा सकता है। तब एक कार्यक्रम में शामिल होने आए लाखों लोग घंटों तक तेज धूप में बैठे रहे, जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए, राजनीतिक दलों को अपनी रैलियों और प्रचार के दौरान गर्मी को ध्यान में रखकर सुरक्षित तरीके अपनाने पर जोर देना चाहिए।
दिशा-निर्देश जारी: गर्मी से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना, समुदाय स्तर पर तैयारी करना और स्वास्थ्य समस्याओं की तुरंत जानकारी देना भी जरूरी है। मौसम विभाग के अनुमान के आधार पर चुनाव आयोग ने हीटवेव अडवाइजरी भी जारी की है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने दिशा-निर्देश जारी कर बताया है कि क्या करें और क्या न करें। चुनाव के दौरान लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। सभाओं में जाते समय पानी, छाता साथ रखें।
NGO करें पहल: गैर सरकारी संगठनों (NGO) को भी आगे आना होगा। NGO को बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती और मजदूरों को गर्मी से होने वाली बीमारियों की पहचान, बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करना चाहिए। चुनाव के दौरान लाखों लोग भीषण गर्मी में बाहर निकलेंगे, इसलिए स्वास्थ्य और सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देना जरूरी है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान और सामुदायिक तैयारी बहुत जरूरी है। इससे मतदाता और चुनाव अधिकारी, दोनों सुरक्षित रह सकेंगे। साथ ही, यह बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के खतरों की ओर ध्यान दिलाता है। सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए, क्योंकि हर छोटा कदम भी लोगों की जान बचा सकता है।
(लेखक स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ हैं)
सुरक्षा पर ध्यान: इस साल कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। पिछले दिनों असम, पुद्दुचेरी और केरलम में मतदान हुआ है। अब अगले हफ्ते पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग होनी है। इसलिए सरकार को खासकर बाहर होने वाले चुनावी कार्यक्रमों में लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। हीटवेव से बचने के लिए पहले से तैयारी और मिलकर काम करना जरूरी है।
भागीदारी अहम: गर्मी से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना, सही जानकारी देना और समय पर चेतावनी देना बहुत जरूरी है। चुनाव के दौरान भीड़ और शेड की कमी से खतरा बढ़ सकता है। 2023 की नवी मुंबई की घटना से सबक सीखा जा सकता है। तब एक कार्यक्रम में शामिल होने आए लाखों लोग घंटों तक तेज धूप में बैठे रहे, जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए, राजनीतिक दलों को अपनी रैलियों और प्रचार के दौरान गर्मी को ध्यान में रखकर सुरक्षित तरीके अपनाने पर जोर देना चाहिए।
दिशा-निर्देश जारी: गर्मी से बचाव के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाना, समुदाय स्तर पर तैयारी करना और स्वास्थ्य समस्याओं की तुरंत जानकारी देना भी जरूरी है। मौसम विभाग के अनुमान के आधार पर चुनाव आयोग ने हीटवेव अडवाइजरी भी जारी की है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने दिशा-निर्देश जारी कर बताया है कि क्या करें और क्या न करें। चुनाव के दौरान लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। सभाओं में जाते समय पानी, छाता साथ रखें।
NGO करें पहल: गैर सरकारी संगठनों (NGO) को भी आगे आना होगा। NGO को बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती और मजदूरों को गर्मी से होने वाली बीमारियों की पहचान, बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में जागरूक करना चाहिए। चुनाव के दौरान लाखों लोग भीषण गर्मी में बाहर निकलेंगे, इसलिए स्वास्थ्य और सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देना जरूरी है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान और सामुदायिक तैयारी बहुत जरूरी है। इससे मतदाता और चुनाव अधिकारी, दोनों सुरक्षित रह सकेंगे। साथ ही, यह बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के खतरों की ओर ध्यान दिलाता है। सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए, क्योंकि हर छोटा कदम भी लोगों की जान बचा सकता है।
(लेखक स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ हैं)
Next Story