'भस्मासुर बन गई SIR प्रक्रिया, अपनों को ही चपेट में ले रही'; खरगे का मोदी सरकार पर हमला

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नई दिल्ली: SIR को लेकर कांग्रेस एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एसआईआर को 'दोषपूर्ण प्रक्रिया' बताया और आरोप लगाया कि यह अब 'भस्मासुर बन गई है, जो अपने लोगों को ही चपेट में ले रही है।'

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, बिहार से शुरू हुआ एसआईआर अब दिल्ली पहुंच गया है और शायद अब सत्ताधारियों को पता चल रहा है कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को पहले दिन से ही दोषपूर्ण क्यों बता रही थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर 'भाजपा द्वारा वोट चोरी और लोकतंत्र को खत्म करने का हथियार' है और अब यह 'भस्मासुर' बन गया है।

कांग्रेस बोली- बीजेपी नेताओं को भी जारी किए गए नोटिसकांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के कई बड़े नेताओं को भी नोटिस दिए गए हैं। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मौजूदा विदेश मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले 'भारत रत्न' से सम्मानित एक वैज्ञानिक और पूर्व नौसेना प्रमुख को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।


पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का खरगे ने दिया हवालाखरगे ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों का हवाला देते हुए दावा किया कि अब तक जिन मामलों में फैसला हुआ है, उनमें 93 प्रतिशत लोगों ने अपनी अपील पर जीत हासिल कर ली है और 1,13,943 लोगों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया, 'किस आधार पर उनका मताधिकार छीना गया?'

खरगे ने निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा, 'वीआईपी/चिह्नित मतदाताओं’’ के उल्लेख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, 'क्या अब भारत के सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार में मतदाताओं की कोई विशेष श्रेणी यानी वीआईपी मतदाता की श्रेणी भी शामिल हो गई है?'

13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर- खरगे का दावाकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'क्या हमारे संविधान ने जो एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य का सिद्धांत दिया था, ये उसकी अवहेलना नहीं है? क्या वीआईपी वोट अब ज्यादा कीमती हो गया है?' खरगे ने दावा किया कि एसआईआर के पहले तीन चरणों में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13.8 करोड़ मतदाता सूची से बाहर हुए। उन्होंने कहा कि यह 94.78 करोड़ मतदाताओं का करीब 14.61 प्रतिशत है।

खरगे ने आरोप लगाया, 'वीआईपी के लिए प्रेस विज्ञप्ति, करोड़ों आम मतदाताओं के लिए खामोशी।'