पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सुखबीर बादल ने लिया बड़ा फैसला, परिसीमन के बहाने क्या बीजेपी-अकाली में बन गई बात?
नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद, पार्टी ने सार्वजनिक रूप से परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए अपना समर्थन जाहिर किया है। परिसीमन बिल को समर्थन देना इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले पंजाब चुनावों के लिए SAD-BJP गठबंधन की तैयारी चल रही है।
प्रस्ताव का किया समर्थनकेंद्र की परिसीमन योजना का समर्थन करते हुए बादल ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पार्टी देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि SAD सभी राज्यों में सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करती है। बादल ने X पर पोस्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल ने आज चंडीगढ़ में अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की।

SGP ने मिसाल कायम की
तुरंत लागू करने की मांगबादल ने आगे कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी की बात कही गई थी। SAD प्रमुख ने यह भी मांग की कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) का काम तुरंत किया जाए।
पहले किया था विरोधदिलचस्प बात यह है कि जब केंद्र सरकार ने अप्रैल में संसद में पहली बार परिसीमन बिल पेश किया था, तो अकाली दल ने उसका विरोध किया था और विपक्ष के साथ मिलकर उसके खिलाफ वोट दिया था। उस समय पार्टी ने बिल को पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण बताया था। उनका तर्क था कि राज्य में सीटों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी होगी, जबकि पड़ोसी राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी। गठबंधन की बातचीत में तेजी आने के साथ शिरोमणि अकादी दल ने कहा है कि वह सीटों की संख्या में 50% बढ़ोतरी के भरोसे के साथ परिसीमन बिल का समर्थन करती है।
पीएम मोदी से मुलाकातबता दें कि खेती-किसानी से जुड़े 3 विवादित कानूनों को लेकर हुए विवाद के बीच, 2020 में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच लगभग ढाई दशक पुराना गठबंधन टूट गया था। उस समय, अकाली दल ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) से अलग होने का फैसला किया था। तब से, दोनों पार्टियों ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़े। 2024 के लोकसभा चुनावों में, बीजेपी राज्य में कोई भी सीट नहीं जीत पाई, जबकि अकाली दल सिर्फ एक सीट ही जीत सका। लेकिन अब संसद में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बादल की मुलाकात ने दोनों पार्टियों के पुराने गठबंधन के फिर से शुरू होने की अटकलों को हवा दे दी थी।
पंजाब में ये सियासी हलचल
प्रस्ताव का किया समर्थनकेंद्र की परिसीमन योजना का समर्थन करते हुए बादल ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि पार्टी देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि SAD सभी राज्यों में सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन करती है। बादल ने X पर पोस्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल ने आज चंडीगढ़ में अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में देश में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की।
SGP ने मिसाल कायम की
तुरंत लागू करने की मांगबादल ने आगे कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने भारत सरकार के उस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50% बढ़ोतरी की बात कही गई थी। SAD प्रमुख ने यह भी मांग की कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) का काम तुरंत किया जाए।
पहले किया था विरोधदिलचस्प बात यह है कि जब केंद्र सरकार ने अप्रैल में संसद में पहली बार परिसीमन बिल पेश किया था, तो अकाली दल ने उसका विरोध किया था और विपक्ष के साथ मिलकर उसके खिलाफ वोट दिया था। उस समय पार्टी ने बिल को पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण बताया था। उनका तर्क था कि राज्य में सीटों की संख्या में मामूली बढ़ोतरी होगी, जबकि पड़ोसी राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी। गठबंधन की बातचीत में तेजी आने के साथ शिरोमणि अकादी दल ने कहा है कि वह सीटों की संख्या में 50% बढ़ोतरी के भरोसे के साथ परिसीमन बिल का समर्थन करती है।
पीएम मोदी से मुलाकातबता दें कि खेती-किसानी से जुड़े 3 विवादित कानूनों को लेकर हुए विवाद के बीच, 2020 में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के बीच लगभग ढाई दशक पुराना गठबंधन टूट गया था। उस समय, अकाली दल ने नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) से अलग होने का फैसला किया था। तब से, दोनों पार्टियों ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़े। 2024 के लोकसभा चुनावों में, बीजेपी राज्य में कोई भी सीट नहीं जीत पाई, जबकि अकाली दल सिर्फ एक सीट ही जीत सका। लेकिन अब संसद में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बादल की मुलाकात ने दोनों पार्टियों के पुराने गठबंधन के फिर से शुरू होने की अटकलों को हवा दे दी थी।
पंजाब में ये सियासी हलचल
- सूत्रों के मुताबिक अकाली दल, राज्य BJP यूनिट और RSS, सभी गठबंधन को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं।
- सूत्र कहते हैं कि BJP अब बराबरी के आधार पर गठबंधन को फिर से शुरू करना चाहती है।
- कांग्रेस से BJP में शामिल हुए नेता भी गठबंधन को बहाल करने के पक्ष में हैं। आखिरी फैसला BJP के केंद्रीय नेतृत्व को करना है।
- पहले, गठबंधन में BJP जूनियर पार्टनर की भूमिका निभाती थी और अकाली दल का पलड़ा हमेशा भारी रहता था।
- अकाली नेताओं का मानना है कि सीट-शेयरिंग पर बाद में चर्चा हो सकती है। सबसे जरूरी पंजाब में हालात बेहतर बनाना है।
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