आजम खान गिरफ्तारी के खिलाफ पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, अदालत सुनवाई पर सहमत; ED ने जेल से निकलते किया था अरेस्ट

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नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने मनी लॉन्ड्रिंग के नए मामले में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आजम खान के वकील निजाम पाशा द्वारा तत्काल सुनवाई के लिए किए गए अनुरोध पर संज्ञान लेते हुए कहा कि याचिका इस सप्ताह सूचीबद्ध की जाएगी।


गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खानलाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक वकील निजाम पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान की याचिका का जिक्र किया। इस याचिका में 29 अक्टूबर को 'डुअल पैन कार्ड' मामले में जेल से रिहा होने के 40 मिनट बाद ही ED द्वारा की गई उनकी गिरफ़्तारी को चुनौती दी गई है।


याचिका में आजम खान की मांगआजम खान ने 1 नवंबर के उस विशेष अदालत के आदेश को भी रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। साथ ही, उन्होंने इस दौरान हिरासत से रिहाई की भी अपील की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत इस याचिका को इसी हफ़्ते सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हो गए हैं।


मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की गिरफ्तारीआजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की गिरफ्तारी के अगले दिन, रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गाजियाबाद एमपी-एमएलए न्यायालय ने यह आदेश पारित किया और निर्देश दिया कि खान 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।


राहत के बाद आई नई मुसीबतसमाजवादी पार्टी के नेता की शनिवार को ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित 426.46 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि और इमारतों की अस्थायी कुर्की के ठीक बाद हुई है। यह कुर्की मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। आजम खान के लिए नई मुसीबतें इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दी गई अल्पकालिक राहत के बाद आई हैं।