भूपेंद्र यादव के दफ्तर में 'क्लीन स्वीप', कांग्रेस बोली- मोदी सरकार में प्रवचन मंत्रालय बन गई है पर्यावरण मिनिस्ट्री
नई दिल्ली: देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की शासन व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है। यह मंत्रालय पर्यावरण संरक्षण के अपने दायित्वों का पालन करने के बजाय 'प्रवचन मंत्रालय' बनकर रह गया है।
भूपेंद्र यादव के 4 सचिव हटाए जाने पर घमासान
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में मंत्रियों के निजी स्टाफ में होने वाली सभी प्रमुख नियुक्तियों की पीएमओ से जांच-पड़ताल होती है। उन्होंने कहा कि वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के चार करीबी सहयोगियों को लगातार दो दिनों में दो फेज में हटा दिया गया। इनमें एक सहयोगी को मंत्री का सबसे करीबी और विश्वासपात्र माना जाता था।
जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्रालय का जिक्र कर केंद्र को घेरा
जयराम रमेश ने दावा किया कि इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि इस महत्वपूर्ण मंत्रालय में शासन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में मंत्रालय पर्यावरण और वनों की रक्षा करने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में विफल रहा है। कांग्रेस नेता के अनुसार, ग्रेट निकोबार, मध्य और पूर्वी भारत के सघन वन क्षेत्रों, अरावली पर्वतमाला और अन्य जैव विविधता से समृद्ध पारिस्थितिक तंत्रों में पर्यावरणीय विनाश लगातार जारी है।
भूपेंद्र यादव के 4 सचिव हटाए जाने पर घमासान
जयराम रमेश ने पर्यावरण मंत्रालय का जिक्र कर केंद्र को घेरा
जयराम रमेश ने दावा किया कि इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि इस महत्वपूर्ण मंत्रालय में शासन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में मंत्रालय पर्यावरण और वनों की रक्षा करने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में विफल रहा है। कांग्रेस नेता के अनुसार, ग्रेट निकोबार, मध्य और पूर्वी भारत के सघन वन क्षेत्रों, अरावली पर्वतमाला और अन्य जैव विविधता से समृद्ध पारिस्थितिक तंत्रों में पर्यावरणीय विनाश लगातार जारी है।
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