ब्रह्मोस के महानिदेशक जयतीर्थ जोशी की नियुक्ति बरकरार, तेलंगाना हाई कोर्ट ने CAT का फैसला पलटा
नई दिल्ली: ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक के पद पर डीआरडीओ वैज्ञानिक जयतीर्थ जोशी की नियुक्ति को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में बड़ा मोड़ आया है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण यानी कैट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें जोशी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर उनके खिलाफ फैसला दिया गया था। हाई कोर्ट के इस फैसले से जोशी की नियुक्ति को बड़ी राहत मिली है।

डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने दी थी चुनौतीजयतीर्थ जोशी की नियुक्ति को डीआरडीओ के ही वैज्ञानिक शिवसुब्रमण्यम नाम्बी नायडू ने चुनौती दी थी। नायडू ने कैट के समक्ष नियुक्ति प्रक्रिया और पद के लिए अपनी उम्मीदवारी से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। उनका कहना था कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक पद पर नियुक्ति के लिए उनकी वरिष्ठता और योग्यता को भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
कैट ने नियुक्ति पर उठाए थे सवालमामला केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की हैदराबाद पीठ तक पहुंचा था। कैट ने जोशी की नियुक्ति को लेकर आपत्तियां दर्ज करते हुए नियुक्ति को रद्द करने का आदेश दिया था। अधिकरण ने संबंधित अधिकारियों को चयन प्रक्रिया पर दोबारा विचार करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार और जयतीर्थ जोशी ने कैट के आदेश को तेलंगाना हाई कोर्ट में चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने कैट का आदेश पलटामामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया। अब हाई कोर्ट ने कैट के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही जयतीर्थ जोशी की ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक के तौर पर नियुक्ति को लेकर कानूनी स्थिति उनके पक्ष में हो गई है।
वरिष्ठता और योग्यता को लेकर था विवादइस मामले में नियुक्ति के दौरान वरिष्ठता, तकनीकी विशेषज्ञता और पद के लिए उपयुक्तता जैसे मुद्दे सामने आए थे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठता और योग्यता को आधार बनाया गया, जबकि दूसरी ओर नियुक्ति प्रक्रिया और उम्मीदवार की उपयुक्तता का पक्ष रखा गया।
रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पदब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है और यह देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल है। ऐसे में संगठन के महानिदेशक पद पर नियुक्ति का विवाद खासा महत्वपूर्ण माना गया। तेलंगाना हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब जयतीर्थ जोशी की नियुक्ति को लेकर चल रहा यह कानूनी विवाद एक अहम चरण में पहुंच गया है।
डीआरडीओ के वैज्ञानिक ने दी थी चुनौतीजयतीर्थ जोशी की नियुक्ति को डीआरडीओ के ही वैज्ञानिक शिवसुब्रमण्यम नाम्बी नायडू ने चुनौती दी थी। नायडू ने कैट के समक्ष नियुक्ति प्रक्रिया और पद के लिए अपनी उम्मीदवारी से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। उनका कहना था कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक पद पर नियुक्ति के लिए उनकी वरिष्ठता और योग्यता को भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए।
कैट ने नियुक्ति पर उठाए थे सवालमामला केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की हैदराबाद पीठ तक पहुंचा था। कैट ने जोशी की नियुक्ति को लेकर आपत्तियां दर्ज करते हुए नियुक्ति को रद्द करने का आदेश दिया था। अधिकरण ने संबंधित अधिकारियों को चयन प्रक्रिया पर दोबारा विचार करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद केंद्र सरकार और जयतीर्थ जोशी ने कैट के आदेश को तेलंगाना हाई कोर्ट में चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने कैट का आदेश पलटामामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया। अब हाई कोर्ट ने कैट के आदेश को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही जयतीर्थ जोशी की ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक के तौर पर नियुक्ति को लेकर कानूनी स्थिति उनके पक्ष में हो गई है।
वरिष्ठता और योग्यता को लेकर था विवादइस मामले में नियुक्ति के दौरान वरिष्ठता, तकनीकी विशेषज्ञता और पद के लिए उपयुक्तता जैसे मुद्दे सामने आए थे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठता और योग्यता को आधार बनाया गया, जबकि दूसरी ओर नियुक्ति प्रक्रिया और उम्मीदवार की उपयुक्तता का पक्ष रखा गया।
रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पदब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है और यह देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल है। ऐसे में संगठन के महानिदेशक पद पर नियुक्ति का विवाद खासा महत्वपूर्ण माना गया। तेलंगाना हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब जयतीर्थ जोशी की नियुक्ति को लेकर चल रहा यह कानूनी विवाद एक अहम चरण में पहुंच गया है।
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