कांग्रेस दिल्ली, पंजाब, राजस्थान में करने जा रही बड़ा बदलाव; इन राज्यों में भी फेरबदल की संभावना

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नई दिल्लीः कांग्रेस बड़े पैमाने पर संगठनात्मक बदलाव करने की तैयारी में है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी को मजबूत किया जा सके। इस फेरबदल का मकसद जमीनी स्तर पर पार्टी के प्रदर्शन में सुधार करना भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व कई राज्यों की इकाइयों में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिसमें नए प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्षों और राज्यों के प्रभारियों की नियुक्ति भी शामिल है।
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दक्षिण भारत के लिए कांग्रेस का कदम
हालांकि इस संबंध में अभी कोई ऐलान नहीं हुआ है लेकिन विचार विमर्श की प्रक्रिया जारी है। इंडिया टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कांग्रेस केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है।

इस कदम को दक्षिणी राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने और भविष्य की चुनावी चुनौतियों के लिए तैयार होने की पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए चेहरों को लाने से पार्टी की संरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य स्तर पर तालमेल बेहतर होगा।

उत्तरी और मध्य राज्यों में भी बदलाव संभव
दक्षिणी राज्यों के अलावा, कांग्रेस दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी नेतृत्व में बदलाव पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इन राज्यों में अपनी संगठनात्मक जरूरतों की समीक्षा कर रही है और राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ अपना जुड़ाव बेहतर बनाने के लिए नए नेतृत्व का चुनाव कर सकती है।

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान जैसे राज्यों में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। यह फेरबदल केवल प्रदेश अध्यक्षों तक ही सीमित रहने की उम्मीद नहीं है।


कांग्रेस प्रदेश प्रभारियों में फेरबदल मुमकिनसूत्रों का कहना है कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारियों के पदों में भी बदलाव की योजना बना रही है; ये प्रभारी केंद्रीय नेतृत्व और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। असम, तमिलनाडु, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए जाएंगे।

बहरहाल, रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नेताओं को नई ज़िम्मेदारियां सौंपने से संगठनात्मक समन्वय बेहतर बनाने और चुनावी रणनीति को मज़बूत करने में मदद मिल सकती है।