Tahawwur Hussain Rana Hernia Surgery: पाकिस्तानी आतंकी का दिल्ली AIIMS में हुआ ऑपरेशन, फिर तिहाड़ पहुंचा 26/11 आतंकी हमले का गुनहगार

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नई दिल्ली: 18 साल पहले देश की आर्थिक राजधानी को दहलाने में शामिल आतंकी का दिल्ली के AIIMS अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। एम्स में ऑपरेशन करवाने वाला यह आतंकी 26/11 आतंकी हमले में सक्रियता के साथ शामिल था। जिस हमले में भारत के 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे, उस हमले की प्लानिंग में ये आतंकी एक्टिवली इंवॉल्व था। चार मई को उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया और हार्निया के सफल ऑपरेशन के बाद उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इस आतंकी का नाम तहव्वुर राणा, जिसे अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था।
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मेडिकल जांच भी हुई पूरीतहव्वुर राणा को साल 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में भूमिका के लिए अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। 65 साल को ऑपरेशन के बाद फिर से तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया है। उसे 4 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया और इस दिन सुबह के समय उसका ऑपरेशन हुआ। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद अब वह धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। दिल्ली की एक अदालत से अनुमति लेने के बाद ही उसकी पूरी मेडिकल जांच भी की गई है।

एक महीने में 5 बार आया एम्स
  • सर्जरी की तारीख मिलने से पहले आतंकी राणा एक महीने के अंदर 5 बार दिल्ली एम्स गया। इन जांचों के बाद ही डॉक्टरों ने उसे सर्जरी का समय दिया। राणा सबसे पहले 31 मार्च को पहुंचा, दूसरी बार 6 अप्रैल, तीसरी बार 7 अप्रैल, चौथी बार 20 अप्रैल और पांचवी बार 21 अप्रैल को राणा एम्स पहुंचा था। इस समय राणा दिल्ली की तिहाड़ जेल की कोठरी नंबर 2 में बंद है, उसे हाई रिस्क कैटेगिरी वाले कैदियों के लिए बने वार्ड में रखा गया है। उसे जब भी अस्पताल जाना होता है तो जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस की 'न्यायिक अभिरक्षा वाहिनी' (NAV) पर होती है।
तिहाड़ के हाई रिस्क ब्लॉक में है बंददिल्ली की दक्षिण जिला पुलिस, NAV और सुरक्षा डिवीजन ने राणा के वार्ड के बाहर अपने जवान तैनात किए हैं। दरअसल, NAV का काम तिहाड़ के कैदियों को कोर्ट या अस्पताल ले जाना होता है। तहव्वुर राणा का कैदी नंबर 1784 है। उसे तिहाड़ में कम भीड़ वाले ब्लॉक में रखा गया है। इस ब्लॉक में 6 और 'हाई-रिस्क' वाले कैदी हैं। इनमें कुछ खूंखार गैंगस्टर और कुछ इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी शामिल हैं, जिसमें मोहम्मद अहमद जरार सिद्दीबाप्पा और यासीन भटकल भी शामिल हैं। तिहाड़ जेल के जिस ब्लॉक में तहव्वुर राणा है, वहां हर कैदी अपनी अलग कोठरी में रहता है। उनके बीच आपस में कोई बातचीत नहीं होती। इसमें भी राणा का वार्ड बाकियों से बिल्कुल अलग है। दूसरे वार्ड का कोई भी कैदी इस वार्ड में दाखिल नहीं हो सकता।

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तहव्वुर का डेविड हेडली से कनेक्शन
  • तहव्वुर राणा 26/11 के लश्कर-ए-तैयबा के जासूस डेविड कोलमैन हेडली के करीबी सहयोगी है।
  • 10 अप्रैल 2025 को अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद राणा को भारत लाया गया था।
  • तहव्वुर राणा ने आतंकी हमले से पहले रेकी करने में हेडली की मदद की थी।
  • राणा ने हेडली के साथ ही पाकिस्तान के एक स्कूल में पढ़ाई की थी।
26/11 हमले को कैसे दिया था अंजाम?
  • 26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने मुंबई पर हमला किया था।
  • आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे। 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे।
  • आतंकियों के हमले में 18 सुरक्षाकर्मी भी शहीद हो गए थे।
  • पाकिस्तान से आए हमलावरों ने 3 दिनों तक मुंबई को बंधक बनाए रखा था।
  • आतंकी रात के 8 बजे कराची से नाव के जरिए समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसे थे।