'सनातन का समूल नाश हो' उदयनिधि स्टालिन के बयान पर बीजेपी बोली- ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगा
नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के उस बयान पर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा में कहा था कि सनातन का समूल नाश होना चाहिए। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार को कहा कि पिछली बार जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को "मिटाने" की बात कही थी, तो अदालतों ने इसे 'हेट स्पीच' करार दिया था और तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी को विपक्ष में धकेल दिया था।

इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगाः बीजेपीअमित मालवीय ने X पर लिखा, "पिछली बार जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को "मिटाने" की बात कही थी, तो अदालतों ने इसे 'हेट स्पीच' करार दिया था और तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी को विपक्ष में धकेल दिया था। इस बार, हो सकता है कि वह उस कानूनी सुरक्षा की आड़ ले रहे हों जो उन्हें विधायिका से मिली हुई है, लेकिन कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें पार करने पर उसके गंभीर परिणाम भुगतने ही पड़ते हैं। लाखों लोगों की आस्था का मजाक उड़ाना और उसे निशाना बनाना राजनीतिक साहस नहीं, बल्कि कोरा अहंकार है। और इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगा।"
सनातन का समूल नाश होना चाहिए, कहां बोले उदयनिधिअसल में, मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातन का समूल नाश होना चाहिए। उन्होंने जिस समय यह बयान दिया उस वक्त मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में मौजूद थे।
पहले भी दे चुके है सनातन को मिटाने का बयानयह पहली दफा नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने 2023 में भी ऐसा ही बयान दिया था। तब उनके बयान पर जमकर बवाल हुआ था। बीजेपी ने देशभर में उदयनिधि के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अब एक बार फिर इसके दोहराए जाने से सियासी माहौल गरमा गया है और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
क्या बोले थे उदयनिधि स्टालिनउदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स के एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के उन्मूलन की बात कहते हुए कहा था कि ये सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने ये भी कहा था कि सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा। तमिलनाडु के खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे स्टालिन ने कहा था, सनातन धर्म का विरोध करने के बजाय इसे खत्म करना होगा। उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा था कि 'मैं इसे लगातार कहूंगा।'
इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगाः बीजेपीअमित मालवीय ने X पर लिखा, "पिछली बार जब उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को "मिटाने" की बात कही थी, तो अदालतों ने इसे 'हेट स्पीच' करार दिया था और तमिलनाडु की जनता ने उनकी पार्टी को विपक्ष में धकेल दिया था। इस बार, हो सकता है कि वह उस कानूनी सुरक्षा की आड़ ले रहे हों जो उन्हें विधायिका से मिली हुई है, लेकिन कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें पार करने पर उसके गंभीर परिणाम भुगतने ही पड़ते हैं। लाखों लोगों की आस्था का मजाक उड़ाना और उसे निशाना बनाना राजनीतिक साहस नहीं, बल्कि कोरा अहंकार है। और इस बार, ईश्वरीय दंड अत्यंत भीषण होगा।"
सनातन का समूल नाश होना चाहिए, कहां बोले उदयनिधिअसल में, मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि सनातन का समूल नाश होना चाहिए। उन्होंने जिस समय यह बयान दिया उस वक्त मुख्यमंत्री विजय विधानसभा में मौजूद थे।
पहले भी दे चुके है सनातन को मिटाने का बयानयह पहली दफा नहीं है जब उदयनिधि स्टालिन ने ऐसा बयान दिया है। इससे पहले उन्होंने 2023 में भी ऐसा ही बयान दिया था। तब उनके बयान पर जमकर बवाल हुआ था। बीजेपी ने देशभर में उदयनिधि के खिलाफ प्रदर्शन किया था। अब एक बार फिर इसके दोहराए जाने से सियासी माहौल गरमा गया है और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच टकराव तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
क्या बोले थे उदयनिधि स्टालिनउदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स के एक कार्यक्रम में सनातन धर्म के उन्मूलन की बात कहते हुए कहा था कि ये सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने ये भी कहा था कि सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा। तमिलनाडु के खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे स्टालिन ने कहा था, सनातन धर्म का विरोध करने के बजाय इसे खत्म करना होगा। उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा था कि 'मैं इसे लगातार कहूंगा।'
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