असम-अमेरिका के बीच 'विन-विन' साझेदारी! CM हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिकी राजदूत ने लगाए चार चांद
असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुवाहाटी पहुंचकर शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर असम और अमेरिका के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों की खुलकर तारीफ की।

सर्जियो गोर ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें गुवाहाटी आकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका और असम के बीच पहले से कई व्यापारिक संबंध हैं और एक बार फिर मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में दोनों देशों के लिए “विन-विन” अवसरों को फिर बनाया जाएगा। ऐसे समय में जब भारत का पूर्वोत्तर इलाका रणनीतिक और आर्थिक रूप से तेजी से उभर रहा है, इस लिहाज से अमेरिकी राजदूत की यह टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है।
ईस्ट भारत पर बढ़ रहा ग्लोबल फोकसपिछले कुछ सालों में असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े निवेश हुए हैं। केंद्र सरकार ने “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत इस क्षेत्र को साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम किया है। यही वजह है कि अमेरिका समेत कई वैश्विक शक्तियां अब असम को केवल एक राज्य नहीं, बल्कि साउथ एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के रूप में देखने लगी हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी इसी बढ़ती रणनीतिक दिलचस्पी का संकेत है।
हिमंत सरमा के नेतृत्व पर अमेरिकी भरोसाअसम विधानसभा चुनाव 2026 में NDA की बड़ी जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। अमेरिकी राजदूत का इस कार्यक्रम में शामिल होना यह दिखा रहा है कि इंटरनेशनल लेवल पर भी हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को गंभीरता से देखा जा रहा है।
सर्जियो गोर ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें गुवाहाटी आकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका और असम के बीच पहले से कई व्यापारिक संबंध हैं और एक बार फिर मुख्यमंत्री बने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में दोनों देशों के लिए “विन-विन” अवसरों को फिर बनाया जाएगा। ऐसे समय में जब भारत का पूर्वोत्तर इलाका रणनीतिक और आर्थिक रूप से तेजी से उभर रहा है, इस लिहाज से अमेरिकी राजदूत की यह टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है।
ईस्ट भारत पर बढ़ रहा ग्लोबल फोकसपिछले कुछ सालों में असम और पूरे पूर्वोत्तर भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बड़े निवेश हुए हैं। केंद्र सरकार ने “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” के तहत इस क्षेत्र को साउथ-ईस्ट एशिया से जोड़ने की रणनीति पर तेजी से काम किया है। यही वजह है कि अमेरिका समेत कई वैश्विक शक्तियां अब असम को केवल एक राज्य नहीं, बल्कि साउथ एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के रूप में देखने लगी हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अमेरिकी राजदूत की मौजूदगी इसी बढ़ती रणनीतिक दिलचस्पी का संकेत है।
हिमंत सरमा के नेतृत्व पर अमेरिकी भरोसाअसम विधानसभा चुनाव 2026 में NDA की बड़ी जीत के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। अमेरिकी राजदूत का इस कार्यक्रम में शामिल होना यह दिखा रहा है कि इंटरनेशनल लेवल पर भी हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व को गंभीरता से देखा जा रहा है।
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