वोट लेने के बाद जांच एजेंसियों से डरना सही नहीं, AAP नेता संजय सिंह का Exclusive इंटरव्यू
आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के बाद शिवसेना UBT के सांसदों ने अपनी-अपनी पार्टियों का साथ छोड़ा है। यह राजनीति का एक नया दौर है। इधर, दिल्ली चुनाव में शिकस्त और सात राज्यसभा सांसदों के BJP में चले जाने के झटके के बाद AAP के लिए पंजाब विधानसभा चुनाव बेहद अहम हो गया है। पार्टी की चुनाव को लेकर क्या तैयारी है और संगठन के सामने किस तरह की चुनौतियां हैं, इन सब मुद्दों पर NBT ने AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह से बातचीत की। पेश हैं खास अंश।

आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का BJP में जाना पंजाब चुनाव की तैयारियों पर क्या असर डालेगा?कोई असर नहीं पड़ेगा। जो BJP में शामिल हुए हैं, वे अपने बिजनेस और डर के कारण गए हैं। इन सांसदों का जनाधार नहीं है। राज्य में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस, महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। 30 साल से सूखी नहरों में अब पानी है, जल संकट कम हुआ है। ऐसे में हमें राज्य में फिर से बड़ी जीत मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान एक विडियो को लेकर फिर विवादों में हैं... क्या कहना चाहेंगे?पंजाब में भगवंत मान बेहद लोकप्रिय हैं। वायरल विडियो से जुड़ा यह कथित विवाद विपक्षी दलों की साजिश है। उन्हें बदनाम करने के लिए झूठा प्रोपेगेंडा चल रहा है।
आपने कहा कि AAP अब I.N.D.I.A. गठबंधन में नहीं है। आगे की रणनीति क्या है?छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, यूपी, गुजरात, गोवा समेत पूरे देश में हम तेजी से संगठन निर्माण में लगे हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार के कामों को याद करती है। पार्टी अब पंजाब, गुजरात, गोवा, यूपी में तैयारियों में जुटी है। आगामी विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है।
TMC के बाद शिवसेना UBT में टूट को कैसे देखते हैं?इतिहास हमेशा बहादुर लोग ही लिखते हैं, डरपोक लोग इतिहास नहीं बनाते। अगर कोई ED, CBI या पुलिस जैसी एजेंसियों के डर से दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा है तो वह अपने चुनाव क्षेत्र में जनता का सामना नहीं कर पाएगा। लाखों लोगों का वोट लेने के बाद जांच एजेंसियों के दबाव में घुटने टेकना सही नहीं। इस समय BJP किसी तरह सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेना चाहती है और यही वजह है वह दूसरी पार्टियों के सांसदों को तोड़ रही है।
आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का BJP में जाना पंजाब चुनाव की तैयारियों पर क्या असर डालेगा?कोई असर नहीं पड़ेगा। जो BJP में शामिल हुए हैं, वे अपने बिजनेस और डर के कारण गए हैं। इन सांसदों का जनाधार नहीं है। राज्य में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 10 लाख रुपये का मेडिकल इंश्योरेंस, महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। 30 साल से सूखी नहरों में अब पानी है, जल संकट कम हुआ है। ऐसे में हमें राज्य में फिर से बड़ी जीत मिलेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान एक विडियो को लेकर फिर विवादों में हैं... क्या कहना चाहेंगे?पंजाब में भगवंत मान बेहद लोकप्रिय हैं। वायरल विडियो से जुड़ा यह कथित विवाद विपक्षी दलों की साजिश है। उन्हें बदनाम करने के लिए झूठा प्रोपेगेंडा चल रहा है।
आपने कहा कि AAP अब I.N.D.I.A. गठबंधन में नहीं है। आगे की रणनीति क्या है?छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, यूपी, गुजरात, गोवा समेत पूरे देश में हम तेजी से संगठन निर्माण में लगे हैं। दिल्ली की जनता केजरीवाल सरकार के कामों को याद करती है। पार्टी अब पंजाब, गुजरात, गोवा, यूपी में तैयारियों में जुटी है। आगामी विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है।
TMC के बाद शिवसेना UBT में टूट को कैसे देखते हैं?इतिहास हमेशा बहादुर लोग ही लिखते हैं, डरपोक लोग इतिहास नहीं बनाते। अगर कोई ED, CBI या पुलिस जैसी एजेंसियों के डर से दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा है तो वह अपने चुनाव क्षेत्र में जनता का सामना नहीं कर पाएगा। लाखों लोगों का वोट लेने के बाद जांच एजेंसियों के दबाव में घुटने टेकना सही नहीं। इस समय BJP किसी तरह सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेना चाहती है और यही वजह है वह दूसरी पार्टियों के सांसदों को तोड़ रही है।
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