अमेरिका में महिला प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस का ऐसा बर्ताव, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने सीधे UN Human Rights से पूछ लिया ये सवाल
नई दिल्ली: भारत में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन, नेताओं को हिरासत में लेने और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान जारी है। इसी बीच भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने अमेरिका का एक वीडियो साझा कर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से सवाल पूछा है। वीडियो में महिला प्रदर्शन करती नजर आ रहीं हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UN Human Rights) को टैग करते हुए कहा कि महिला को जिस तरह जमीन पर पटक दिया गया और पुरुष अधिकारी उसके ऊपर कूद गया, वह दुखद है। @UNHumanRights, इस पर आपकी कोई टिप्पणी है? वह बस अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रही थी।

डीपी पांडे ने वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी को जमीन पर गिराए जाने और पुरुष अधिकारी के उसके ऊपर कूदने के तरीके पर दुख जताया। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से भी इस मामले पर टिप्पणी मांगी। उनके सवाल का केंद्र यह है कि क्या मानवाधिकारों के मुद्दे पर सभी देशों के लिए एक समान नजरिया अपनाया जाता है या कुछ देशों की घटनाओं पर ही ज्यादा सवाल उठाए जाते हैं?
भारत में प्रदर्शनों के बीच उठाया सवालदिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और नेताओं को हिरासत में लेने को लेकर भी विवाद हुआ है। 6 अक्टूबर को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसी पृष्ठभूमि में डीपी पांडे की पोस्ट को भारत और अमेरिका में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार की तुलना के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका में कब की है घटना?
डीपी पांडे ने वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी को जमीन पर गिराए जाने और पुरुष अधिकारी के उसके ऊपर कूदने के तरीके पर दुख जताया। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से भी इस मामले पर टिप्पणी मांगी। उनके सवाल का केंद्र यह है कि क्या मानवाधिकारों के मुद्दे पर सभी देशों के लिए एक समान नजरिया अपनाया जाता है या कुछ देशों की घटनाओं पर ही ज्यादा सवाल उठाए जाते हैं?
भारत में प्रदर्शनों के बीच उठाया सवालदिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और नेताओं को हिरासत में लेने को लेकर भी विवाद हुआ है। 6 अक्टूबर को राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसी पृष्ठभूमि में डीपी पांडे की पोस्ट को भारत और अमेरिका में प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार की तुलना के तौर पर देखा जा रहा है।
अमेरिका में कब की है घटना?
- यह वीडियो 8 जून 2022 को लॉस एंजिलिस का है।
- तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन के काफिले के पास गर्भपात के अधिकारों के समर्थन में प्रदर्शन कर रही महिला प्रतिबंधित सड़क पर पहुंच गई थी।
- इसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के एक एजेंट ने उसे जमीन पर गिराकर हिरासत में लिया।
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