'मक्का चुम्मा-चाटी की जगह नहीं', बांग्लादेशी कपल को सऊदी अरब ने दी मौत, तो किस कांड पर भड़कीं नाजिया खान
नई दिल्ली: मक्का में एक बांग्लादेशी कपल ने एक दूसरे को किस किया। बांग्लादेशी शख्स ने जिस तरह से खुलेआम पत्नी को चूमा, इस हरकत को लेकर सऊदी सरकार ने उन्हें मौत की सजा दी है। उन्हे 'सिर तन से जुदा' की सजा सुनाई गई। इस फैसले को लेकर बांग्लादेश में घमासान तेज है। बांग्लादेशी सरकार ने सऊदी अरब से पूरे मामले पर जवाब मांगा है। वहीं बांग्लादेशी कपल के मक्का में किस करने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील नाजिया इलाही खान ने रिएक्ट किया है। उन्होंने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन के साथ खास इंटरव्यू में दो टूक कहा कि मक्का चुम्मा-चाटी की जगह नहीं है। ऐसे में बांग्लादेशी कपल को वहां इस तरह कुछ करने से पहले सोचना चाहिए था।

बांग्लादेशी कपल को किस करने पर मौत की सजा तो ये बोलीं नाजिया खानबांग्लादेशी कपल की मक्का में की गई हरकत और फिर सजा ए मौत पर नाजिया खान ने एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस्लामिक शरायत, कुरानिक रसुमात और जो इस्लामिक पनिशमेंट है उसके हिसाब से गल्फ कंट्रीज ने बिल्कुल सही किया है। जैसे हम भारत देश में रहते हैं तो संवैधानिक दायरे में हमें रहना पड़ता है और रहना चाहिए। अगर हम देश के कानून का उल्लंघन करेंगे तो हम बिहाइंड द बार जाएंगे। उसी तरीके से गल्फ कंट्री सऊदी अरबिया मक्का मुअजमा मदीना मुनव्वरा जहां पर इस्लामिक कानून चलता है उस इस्लामिक कानून का उल्लंघन बर्दाश्त के काबिल तो नहीं है।
'शारीरिक संबंध, प्यार दुलार बंद कमरे में होना चाहिए'नाजिया खाने आगे कहा कि अल्लाह सुभान अल कुरान में साफ लफ्जों में ये बताते हैं और समझाते हैं कि आपके जो शारीरिक संबंध हैं या आपका जो प्यार दुलार है वो बंद कमरे में होना चाहिए। अपोजिट जेंडर का। यहां तक के जो इस्लामिक कुरानिक कानून है, उस हिसाब से तो पिता और पुत्री में भी बहुत ज्यादा जो स्किन टच वाला प्यार है वो नहीं होना चाहिए। तो बांग्लादेश में जमात इस्लामी हरकत इस्लाम हिज्बुल मुजाहदीन आईएसआई जो शेख हसीना को निकाल के बाहर फेंके थे। शेख हसीना को मृत्युदंड देने वाले थे और जो वहां पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट के नाम पर जो अराजकता फैलाई गई थी जो असामाजिक जो प्रोटेस्ट किया गया था जो इस्लामिक प्रोटेस्ट किया गया था उसमें तो चीख-चीख कर यही कहा गया था कि शेख हसीना जो हैं वो बांग्लादेश को बर्बाद कर रही थी।
शेख हसीना पर ये बोलीं नाजिया खाननाजिया खान ने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश को वेस्टर्न कंट्रीज बनाना चाहती हैं। मुसलमान लड़कियां जींस और टॉप में घूमती है। गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड कपल बन के गार्डन्स में चले जाते हैं। हिंदू लड़कियों को वहां पर उस प्रोटेस्ट में किन हालात का सामना करना पड़ा। नाजिया खान ने आरोप लगाया कि जींस पहनने वाली हिंदू बेटियों का वहां गैंगरेप किया गया।
नाजिया इलाही खान ने आगे कहा कि जब बांग्लादेश में जमात इस्लामी और हरकतुल इस्लाम और आतंकवादी संगठनों ने वहां पर हिंदू बहु-बेटियों पर इतनी अराजकता मचाई इतनी बदतमीजी की। ऐसे में क्या उस बांग्लादेशी महिला को जो मक्का मुअज्जमा गई, उसको पता नहीं था कि इस पाक मुकद्दस जमीन की जो एक मर्यादा होती है जो एक गरिमा होती है उसको हमें कैसे बरकरार रखना है ये तो उसको पता होना चाहिए।
'मक्का में सैर सपाटा, चुम्मा-चाटी नहीं कर सकते'नाजिया खान ने आगे कहा कि हर एक देश, हर एक जगह, हर एक घर के अपने रूल रेगुलेशंस होते हैं। ऐसे में मक्का में सैर सपाटा, रील बना के चुम्मा चाटी तो नहीं किया जा सकता ना। वो तो इबादत की जगह है। मिडिल ईस्ट मामलों की विशेषज्ञ नाजिया खान ने बांग्लादेशी कपल की मक्का में की गई हरकत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मक्का एक पाक मुकद्दस जमीन है, जिसकी एक मर्यादा है, जिसकी एक गरिमा होती है। हमें ये समझना चाहिए कि उसको कैसे बरकरार रखना है। उस कपल को ये तो पता होना चाहिए था।
यहां देखिए नाजिया खान का पूरा इंटरव्यू
भारत देश का जिक्र कर समझाई अपनी बातनाजिया खान ने कहा कि अब देखिए हम लोग तो भारत में पले बढ़े हैं। हम लोग तो संवैधानिक देश में रहे हैं। हम तो भारत जैसे कानूनी देश में रहे हैं। हम तो वेस्टर्न भी पहनते हैं, साड़ी भी पहनते हैं। अपने पिता से हग भी करते हैं। अपने भाई से हग भी करते हैं। एक दूसरे को हैंडशेक भी करते हैं। हमारे लिए यह थोड़ी सी प्रॉब्लम वाली बात होगी कि वहां पर जाकर के बहुत सी चीजों का हमको ख्याल रखना पड़ेगा
'मुझे लगता है जो सजा दी गई वो...'नाजिया खान ने दो टूक कहा कि जो बांग्लादेश से उठकर गया है जो महिला बांग्लादेश से उठ के गई जो मुसलमान पुरुष बांग्लादेश से उठकर गया है। जिसने इसीलिए बांग्लादेश का तख्ता पलट किया कि मॉडर्न कल्चर नहीं आना चाहिए। तो वहां ओपन सब कुछ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वो बांग्लादेशी कपल मक्का जाए तो वहां पर वो ऐसा काम कैसे कर सकता है? तो मुझे लगता है कि जो सजा दी गई है वो बिल्कुल ठीक दी गई है।
बांग्लादेशी कपल को किस करने पर मौत की सजा तो ये बोलीं नाजिया खानबांग्लादेशी कपल की मक्का में की गई हरकत और फिर सजा ए मौत पर नाजिया खान ने एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस्लामिक शरायत, कुरानिक रसुमात और जो इस्लामिक पनिशमेंट है उसके हिसाब से गल्फ कंट्रीज ने बिल्कुल सही किया है। जैसे हम भारत देश में रहते हैं तो संवैधानिक दायरे में हमें रहना पड़ता है और रहना चाहिए। अगर हम देश के कानून का उल्लंघन करेंगे तो हम बिहाइंड द बार जाएंगे। उसी तरीके से गल्फ कंट्री सऊदी अरबिया मक्का मुअजमा मदीना मुनव्वरा जहां पर इस्लामिक कानून चलता है उस इस्लामिक कानून का उल्लंघन बर्दाश्त के काबिल तो नहीं है।
'शारीरिक संबंध, प्यार दुलार बंद कमरे में होना चाहिए'नाजिया खाने आगे कहा कि अल्लाह सुभान अल कुरान में साफ लफ्जों में ये बताते हैं और समझाते हैं कि आपके जो शारीरिक संबंध हैं या आपका जो प्यार दुलार है वो बंद कमरे में होना चाहिए। अपोजिट जेंडर का। यहां तक के जो इस्लामिक कुरानिक कानून है, उस हिसाब से तो पिता और पुत्री में भी बहुत ज्यादा जो स्किन टच वाला प्यार है वो नहीं होना चाहिए। तो बांग्लादेश में जमात इस्लामी हरकत इस्लाम हिज्बुल मुजाहदीन आईएसआई जो शेख हसीना को निकाल के बाहर फेंके थे। शेख हसीना को मृत्युदंड देने वाले थे और जो वहां पर स्टूडेंट प्रोटेस्ट के नाम पर जो अराजकता फैलाई गई थी जो असामाजिक जो प्रोटेस्ट किया गया था जो इस्लामिक प्रोटेस्ट किया गया था उसमें तो चीख-चीख कर यही कहा गया था कि शेख हसीना जो हैं वो बांग्लादेश को बर्बाद कर रही थी।
शेख हसीना पर ये बोलीं नाजिया खाननाजिया खान ने कहा कि शेख हसीना बांग्लादेश को वेस्टर्न कंट्रीज बनाना चाहती हैं। मुसलमान लड़कियां जींस और टॉप में घूमती है। गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड कपल बन के गार्डन्स में चले जाते हैं। हिंदू लड़कियों को वहां पर उस प्रोटेस्ट में किन हालात का सामना करना पड़ा। नाजिया खान ने आरोप लगाया कि जींस पहनने वाली हिंदू बेटियों का वहां गैंगरेप किया गया।
नाजिया इलाही खान ने आगे कहा कि जब बांग्लादेश में जमात इस्लामी और हरकतुल इस्लाम और आतंकवादी संगठनों ने वहां पर हिंदू बहु-बेटियों पर इतनी अराजकता मचाई इतनी बदतमीजी की। ऐसे में क्या उस बांग्लादेशी महिला को जो मक्का मुअज्जमा गई, उसको पता नहीं था कि इस पाक मुकद्दस जमीन की जो एक मर्यादा होती है जो एक गरिमा होती है उसको हमें कैसे बरकरार रखना है ये तो उसको पता होना चाहिए।
'मक्का में सैर सपाटा, चुम्मा-चाटी नहीं कर सकते'नाजिया खान ने आगे कहा कि हर एक देश, हर एक जगह, हर एक घर के अपने रूल रेगुलेशंस होते हैं। ऐसे में मक्का में सैर सपाटा, रील बना के चुम्मा चाटी तो नहीं किया जा सकता ना। वो तो इबादत की जगह है। मिडिल ईस्ट मामलों की विशेषज्ञ नाजिया खान ने बांग्लादेशी कपल की मक्का में की गई हरकत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मक्का एक पाक मुकद्दस जमीन है, जिसकी एक मर्यादा है, जिसकी एक गरिमा होती है। हमें ये समझना चाहिए कि उसको कैसे बरकरार रखना है। उस कपल को ये तो पता होना चाहिए था।
यहां देखिए नाजिया खान का पूरा इंटरव्यू
भारत देश का जिक्र कर समझाई अपनी बातनाजिया खान ने कहा कि अब देखिए हम लोग तो भारत में पले बढ़े हैं। हम लोग तो संवैधानिक देश में रहे हैं। हम तो भारत जैसे कानूनी देश में रहे हैं। हम तो वेस्टर्न भी पहनते हैं, साड़ी भी पहनते हैं। अपने पिता से हग भी करते हैं। अपने भाई से हग भी करते हैं। एक दूसरे को हैंडशेक भी करते हैं। हमारे लिए यह थोड़ी सी प्रॉब्लम वाली बात होगी कि वहां पर जाकर के बहुत सी चीजों का हमको ख्याल रखना पड़ेगा
'मुझे लगता है जो सजा दी गई वो...'नाजिया खान ने दो टूक कहा कि जो बांग्लादेश से उठकर गया है जो महिला बांग्लादेश से उठ के गई जो मुसलमान पुरुष बांग्लादेश से उठकर गया है। जिसने इसीलिए बांग्लादेश का तख्ता पलट किया कि मॉडर्न कल्चर नहीं आना चाहिए। तो वहां ओपन सब कुछ नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर वो बांग्लादेशी कपल मक्का जाए तो वहां पर वो ऐसा काम कैसे कर सकता है? तो मुझे लगता है कि जो सजा दी गई है वो बिल्कुल ठीक दी गई है।
Next Story