'तुम लोग परजीवी हो..', CJI सूर्यकांत ने साइबर फ्रॉड के आरोपी को नहीं दिया बेल, बोले- समाज का हित इसी में है कि ये जेल में रहें

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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को साइबर फ्रॉड के एक आरोपी को बेल देने से साफ मना कर दिया। यही नहीं, उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने ऐसे अपराधियों को लेकर कुछ बहुत ही गंभीर टिप्पणियां कीं और कहा कि समाज के हित में ऐसे लोगों को जेल के अंदर ही रहना चाहिए।

'आपको जेल के अंदर रहना चाहिए'
सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने साइबर अपराध केस में जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी देश भर के लोगों को निशाना बनाते हैं, जिससे उन्हें बहुत ज्यादा आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस दौरान ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले साइबर अपराधियों को लेकर भारत के चीफ जस्टिस ने बहुत ही तीखी टिप्पणी की।
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साइबर फ्रॉड पर दिखी सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस ओर ध्यान दिलाया कि साइबर अपराधी अक्सर एक साथ कई राज्यों में अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
  • इससे साइबर अपराध का पता लगाना, उनकी जांच करना और भी मुश्किल हो जाता है।
  • इसलिए अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए बहुत ही सख्त रुख अपनाए जाने की जरूरत है।
  • बीते एक महीने में यह दूसरा मौका है, जब सीजेआई सूर्यकांत ने किसी मामले पर फैसला सुनाने से पहले इतनी कठोर भाषा का इस्तेमाल किया है।

सीजेआई कर चुके हैं कॉकरोच वाली टिप्पणी
  • मई में इसी तरह से एक वकील सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने की अर्जी लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।
  • तब सीजेआई ने देश में कुछ ऐसे लोगों का मुद्दा उठाया था, जो बिना किसी जिम्मेदारी के एक्टिविज्म या मीडिया के काम के नाम पर महत्वपूर्ण संस्थानों पर निशाना साधते हैं।
  • तब उन्होंने कहा था, 'समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं, जो सिस्टम पर हमला करते हैं और आप उनके साथ जुड़ना चाहते हैं।'
  • सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा था, 'ऐसे युवा भी हैं, कॉकरोच की तरह, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता या प्रोफेशन में उनकी कोई जगह नहीं होती। उनमें से कुछ मीडिया बन जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया बन जाते हैं, आरटीआई एक्टिविस्ट और अन्य एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सभी पर हमला शुरू कर देते हैं।'