'जो उखाड़ सकता है उखाड़ लेना', शख्स पर भड़के तहसीन पूनावाला, नितिन गडकरी से कर रहा था एक्शन लेने की मांग

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नई दिल्ली: सोशल एक्टिविस्ट और एथेनॉल ब्लेडिंग के खिलाफ मुहिम चलाने वाले तहसीन पूनावाला एक शख्स पर भड़क गए हैं। उस शख्स से उन्होंने कहा है कि वह जो जो भी उखाड़ सकता है वह उखाड़ ले। दरअसल, DV1 नामक एक सोशल मीडिया यूजर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए पूछा कि तहसीन पूनावाला के खिलाफ कानूनी एक्शन लिया जाना चाहिए। इसके जवाब में ही तहसीन ने शख्स से कहा कि जो उखाड़ सकता है, वह उखाड़ ले।

क्या कहा था सोशल मीडिया यूजर ने?नितिन गडकरी तहसीन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिन्होंने बदनाम करने के इरादे से 'शुगर डैडी' शब्द का इस्तेमाल किया है। यह एक स्लैंग शब्द है, जिसका इस्तेमाल किसी ऐसे अमीर और आमतौर पर उम्रदराज व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो अपने से कम उम्र के पार्टनर को आर्थिक मदद, महंगे तोहफे, पैसे या ट्रैवल जैसी फैसेलिटी देता है।

नितिन गडकरी से क्यों की शिकायतपेट्रोल में एथेनॉल ब्लेडिंग के खिलाफ तहसीन पूनावाला सबसे मुखर आवाज के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। अपने बयानों में तहसीन नितिन गडकरी को कई बार टारगेट कर चुके हैं और उन्हें एथेनॉल ब्लेडिंग के लिए जिम्मेदार ठहराते नजर आए हैं। तहसीन आरोप लगा चुके हैं नितिन गडकरी का परिवार एथेनॉल के बिजनेस से जुड़ा हुआ है। इसलिए हितों को लेकर टकराव का मामला बनता है। तहसीन एथेनॉल पॉलिसी को बेटा बढ़ाओ योजना बताते हैं।

तहसीन पूनावाला क्यों कर रहे एथेनॉल ब्लेडिंग का विरोध?
  • सोशल एक्टिविस्ट का कहना है कि पेट्रोल में एतेनॉल मिलाने से गाड़ियों के फ्यूल इंजेक्टर, इंजन और फ्यूल पंप जैसे पार्ट्स खराब हो रहे हैं।
  • पूनावाला यह आरोप भी लगाते आए हैं कि एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने और चावल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आने वाले समय में इन फसलों को उगाने वाले राज्यों जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक में पानी की भारी किल्लत हो सकती है।
एथेनॉल क्या है?एथनॉल एक ज्वलनशील और रंगहीन ऑर्गेनिक कंपाउंड है। सामान्य बोलचाल में इसे एथिल अल्कोहल कहा जाता है। ये शराब में पाए जाने वाले अल्कोहल की तरह ही है।