1 करोड़ के पार शिक्षक, 24.72 करोड़ छात्र, 14.67 लाख स्कूल, शिक्षा में गेम चेंजर सरकार की ये खास रिपोर्ट
नई दिल्ली: देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों तक पहुंचने की यात्रा पूरी होना अभी बाकी है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0-2025-26 की रिपोर्ट बताती है कि इस वर्ष भी कोई राज्य या केंद्रशासित प्रदेश सर्वोच्च तीन परफॉर्मेंस श्रेणियों में जगह नहीं बना सका। हालांकि, कई राज्यों ने अपने प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है और नई श्रेणियों में प्रवेश किया है, टॉप पर नहीं पहुंच पाए हैं।

1 करोड़ के पार शिक्षक, 24.72 करोड़ छात्र, 14.67 लाख स्कूल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि देशभर में 14.67 लाख से अधिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या रिकॉर्ड 1.03 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं इन स्कूलों में लगभग 24.72 करोड़ विद्यार्थी हैं।
1.03 करोड़ शिक्षकों व 24.72 करोड़ छात्रों वाली यह भारतीय शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इतने विशाल तंत्र की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए शिक्षा मंत्रालय हर वर्ष पीजीआई रिपोर्ट जारी करता है।
चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में इस बार चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश बनकर उभरा है। सर्वोच्च अंकों के साथ चंडीगढ़ ‘उत्तम-3’ ग्रेड में पहुंचने वाला देश का एकमात्र राज्य या केंद्रशासित प्रदेश बना है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में चंडीगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ के बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली, केरल, पंजाब तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं, महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप ने ‘प्रचेष्टा-2’ ग्रेड हासिल किया है। इसके अलावा 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ‘प्रचेष्टा-3’ तथा 13 को ‘आकांक्षी-1’ श्रेणी में स्थान मिला है।
पीजीआई 2.0 रिपोर्ट क्या है?
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा विकसित पीजीआई 2.0 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शैक्षिक प्रदर्शन का व्यापक मूल्यांकन करने वाला एक राष्ट्रीय मानक है। इसका उद्देश्य राज्यों की रैंकिंग करना नहीं, बल्कि उन्हें प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न ग्रेड में वर्गीकृत करना है, ताकि सुधार की दिशा स्पष्ट हो सके और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले।
पीजीआई-स्टेट्स व यूटी का ढांचा 1000 अंकों पर आधारित है और इसमें 70 संकेतकों को शामिल किया गया है। इन संकेतकों को दो प्रमुख श्रेणियों परिणाम तथा सुशासन एवं प्रबंधन में बांटा गया है। इनके अंतर्गत छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों का मूल्यांकन किया जाता है।
1 करोड़ के पार शिक्षक, 24.72 करोड़ छात्र, 14.67 लाख स्कूल
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि देशभर में 14.67 लाख से अधिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या रिकॉर्ड 1.03 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं इन स्कूलों में लगभग 24.72 करोड़ विद्यार्थी हैं।
1.03 करोड़ शिक्षकों व 24.72 करोड़ छात्रों वाली यह भारतीय शिक्षा प्रणाली दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इतने विशाल तंत्र की गुणवत्ता और प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए शिक्षा मंत्रालय हर वर्ष पीजीआई रिपोर्ट जारी करता है।
चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में इस बार चंडीगढ़ देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला केंद्र शासित प्रदेश बनकर उभरा है। सर्वोच्च अंकों के साथ चंडीगढ़ ‘उत्तम-3’ ग्रेड में पहुंचने वाला देश का एकमात्र राज्य या केंद्रशासित प्रदेश बना है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में चंडीगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ के बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली, केरल, पंजाब तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव को ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं, महाराष्ट्र, ओडिशा, गोवा, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप ने ‘प्रचेष्टा-2’ ग्रेड हासिल किया है। इसके अलावा 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ‘प्रचेष्टा-3’ तथा 13 को ‘आकांक्षी-1’ श्रेणी में स्थान मिला है।
पीजीआई 2.0 रिपोर्ट क्या है?
पीजीआई-स्टेट्स व यूटी का ढांचा 1000 अंकों पर आधारित है और इसमें 70 संकेतकों को शामिल किया गया है। इन संकेतकों को दो प्रमुख श्रेणियों परिणाम तथा सुशासन एवं प्रबंधन में बांटा गया है। इनके अंतर्गत छह महत्वपूर्ण क्षेत्रों का मूल्यांकन किया जाता है।
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