ट्रंप की हार पर तहसीन पूनावाला का तंज, बोले- फेल्ड मार्शल और मिनी माउस शहबाज नोबेल के लिए फिर नॉमिनेट करें
नई दिल्ली: मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन की करारी शिकस्त के बाद राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, 'फेल्ड मार्शल' आसिम मुनीर और 'मिनी माउस' शहबाज शरीफ एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करें।'
गुरुवार को तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'हम मांग करते हैं कि फेल्ड मार्शल आसिम मुनीर और मिनी माउस शहबाज शरीफ को एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करना चाहिए!'

पूनावाला ने ट्रंप को दोबारा नोबेल के लिए नामित करने की बात ऐसे समय कही है, जब अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रंप के राजनीतिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है।
मुनीर और शहबाज पर क्यों कसा तंज?
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कई ऐसे राज्यों और सीटों पर हार मिली, जिन्हें परंपरागत रूप से उसका मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। महंगाई, बढ़ती लागत और ईरान के साथ युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
गुरुवार को तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'हम मांग करते हैं कि फेल्ड मार्शल आसिम मुनीर और मिनी माउस शहबाज शरीफ को एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करना चाहिए!'
पूनावाला ने ट्रंप को दोबारा नोबेल के लिए नामित करने की बात ऐसे समय कही है, जब अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। डेमोक्रेट्स ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इससे ट्रंप के राजनीतिक एजेंडे को बड़ा झटका लगा है।
मुनीर और शहबाज पर क्यों कसा तंज?
- दरअसल, पाकिस्तान ने जून 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का फैसला किया था। पाकिस्तान ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य टकराव के बाद सीजफायर कराने में ट्रंप की भूमिका का श्रेय उन्हें दिया था। पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी ट्रंप को इस पुरस्कार के लिए नामित करने की सिफारिश की थी।
- इसके बाद अक्टूबर 2025 में गाजा शांति समझौते के दौरान मिस्र के शर्म अल-शेख में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप को दोबारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात कही थी। उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव कम कराने और गाजा में शांति स्थापित करने की कोशिशों का श्रेय ट्रंप को दिया था।
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को कई ऐसे राज्यों और सीटों पर हार मिली, जिन्हें परंपरागत रूप से उसका मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। महंगाई, बढ़ती लागत और ईरान के साथ युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी के खराब प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।
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