Girmitiya Countries: गिरमिटिया कौन हैं? खाड़ी संकट के बीच MEA जयशंकर क्यों पहुंचे दक्षिणी अमेरिकी देश सूरीनाम
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर पहली बार बुधवार को दक्षिणी अमेरिकी देश सूरीनाम की यात्रा पर पहुंचे। कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका के तीन देशों की उनकी इस हाई-प्रोफाइल यात्रा का यह दूसरा चरण है। लेकिन, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव की वजह से पैदा हुए खाड़ी संकट के दौरान उनकी यह यात्रा अपने आप में दिलचस्प है।
विदेश मंत्री की इस सूरीनाम यात्रा का तात्कालिक मकसद दक्षिणी अमेरिकी और कैरिबियन क्षेत्र में भारत के सामरिक और सांस्कृतिक पहुंच को और मजबूत करना है, जिसके तार 'गिरमिटिया समुदाय' की वजह से डेढ़ सौ से ज्यादा वर्षों से जुड़े हुए हैं।

कैरिबियन, दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर विदेश मंत्री
विदेश मंत्री जयशंकर की सूरीनाम यात्रा का एजेंडा
गिरमिटिया समुदाय कौन है
गिरमिटिया मजदूर किन देशों में रहते हैं
मॉरीशस गुयाना त्रिनिदाद और टोबैगो सूरीनाम दक्षिण अफ्रीका जमैका केन्या युगांडा तंजानिया
विदेश मंत्री की इस सूरीनाम यात्रा का तात्कालिक मकसद दक्षिणी अमेरिकी और कैरिबियन क्षेत्र में भारत के सामरिक और सांस्कृतिक पहुंच को और मजबूत करना है, जिसके तार 'गिरमिटिया समुदाय' की वजह से डेढ़ सौ से ज्यादा वर्षों से जुड़े हुए हैं।
कैरिबियन, दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर विदेश मंत्री
- विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह तीन दिवसीय यात्रा नौ दिनों की है।
- सूरीनाम से पहले एस जयशंकर तीन दिनों तक जमैका का यात्रा कर आए हैं।
- सूरीनाम के बाद जयशंकर अपनी इस विदेश यात्रा के अंतिम चरण में त्रिनिदाद और टोबैगो जाने वाले हैं।
- इन तीनों ही देशों में बड़ी संख्या में 'गिरमिटिया मजदूर' रहते हैं, जिनका भारत से कभी न खत्म होने वाला संबंध है।
विदेश मंत्री जयशंकर की सूरीनाम यात्रा का एजेंडा
- विदेश मंत्री की इस यात्रा का मुख्य एजेंडा भारत-सूरीनाम के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करना है।
- खासकर के विदेश मंत्री की इस यात्रा का मकसद भारत के 'गिरमिटिया विरासत' को नए जियोपॉलिटिक्स के दौर में सहेजना है।
- सूरीनाम में मौजूद 'गिरमिटिया समुदाय' 150 वर्षों से भी पहले भारत से चले गए थे।
- सूरीनाम की मौजूदा जनसंख्या में भारतीय मूल के इन लोगों की तादाद लगभग 27 प्रतिशत है।
गिरमिटिया समुदाय कौन है
- गिरमिटिया वैसे अनुबंधित भारतीय मजदूर थे, जिन्हें 18वीं सदी के मध्य और 19वीं सदी की शुरुआत में अंग्रेज भारत से मजदूरी करवाने के लिए अनुबंध करके ले गए थे।
- तब बेहतर काम की तलाश में बड़ी आबादी भारत से अन्य देशों में शिफ्ट हो गई थी।
- शुरू में उन्हें वहां पर ब्रिटिश कॉलोनियों में काम करने के इरादे से रखा गया, लेकिन धीरे-धीरे वे वहीं पर बस गए।
- आज की तारीख में भारतीय मूल के ये लोग काफी बेहतर स्थिति में हैं और इसी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं-
गिरमिटिया का मतलब क्या है
- गिरमिटिया शब्द गिरमिट से बना है, जिसका मतलब होता है एग्रीमेंट या अनुबंध।
- इस तरह से करार के तहत जिन भारतीय मजदूरों को अंग्रेज दूसरे देशों में ले गए, वह गिरमिटिया मजदूर कहलाने लगे।
गिरमिटिया मजदूर किन देशों में रहते हैं
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