ईरान ने 10 भारतीय नाविकों को छोड़ा, जल्द स्वदेश लाने की तैयारी, भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत

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नई दिल्ली: ईरान ने एमवी हार्बर फीनिक्स केस से जुड़े 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया है। ईरान ने इन भारतीय नागरिकों को पिछले साल जुलाई (जुलाई,2025) में तेल टैंकर एमवी हार्बर फीनिक्स से हिरासत में ले लिया था। भारत की ओर से लंबी कूटनीतक कोशिशों के बाद इन नाविकों की सफल रिहाई हो पाई है और अब इन्हें स्वदेश लाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है।

ईरान के जेल से 10 भारतीय नाविकों की रिहाई
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जहाजरानी मंत्रालय के डायरेक्टोरेट जनरल की ओर से जारी एक बयान में 10 भारतीय नाविकों की रिहाई की विस्तृत जानकारी दी गई है।



भारत की कूटनीतिक कोशिशों से बड़ी जीत
  • ईरान का जस्क बंदरगाह ओमान की खाड़ी में है और मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर है।
  • जानकारी दी गई है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षित रिहाई लंबी कूटनीतिक कोशिशों और डीजीएस, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास और बाकी स्टेकहोल्डर्स के तालमेल भरे प्रयास से संभव हो सका है।

जल्द ही स्वदेश लाए जाएंगे भारतीय नाविक
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने कहा है कि 'क्रू-मेंबर्स को जल्द से जल्द भारत लाने के लिए जभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है।'

मंत्रालयों और तेहरान दूतावास का बड़ा रोल

मर्चेंट नेवी में भारतीयों की बड़ी तादाद
  • दुनिया में जितने भी लोग मर्चेंट नेवी में काम करते हैं, उनमें भारतीयों की तादाद बहुत बड़ी है।
  • मर्चेंट नेवी में काम करने वाले भारतीयों में एक बड़ी तादाद खाड़ी देशों से आने-जाने वाले जहाजों पर ही तैनात हैं।
  • भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार है।
  • भारत का लगभग आधा तेल ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस और ओमान की खाड़ी से होकर ही आता है, जो इस समय पश्चिम एशिया संकट के केंद्र में है।