2014 से 2026 तक.. पीएम मोदी के लाल किले से दिए भाषाणों में अब जमीन-आसमान का अंतर, बिजली-शौचालय के मुद्दों से भटके रास्ता

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस भाषणों को अगर 2014 से अब तक देखें, तो इनमें देश की प्राथमिकताओं का बदलता चेहरा साफ नजर आता है। शुरुआत में भाषणों में शौचालय, बैंक खाते, गरीबी, बिजली, पानी और खाद जैसी रोजमर्रा की समस्याएं प्रमुख थीं। अब चर्चा 6G, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और विकसित भारत जैसे बड़े लक्ष्यों पर ज्यादा है।
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