'मोदी के बस की बात नहीं', राहुल पर भड़की बीजेपी, बोली-कांग्रेस की समस्या यही है, उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता तक सीमित
नई दिल्लीः देश चलाना अबप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस की बात नहीं, राहुल गांधी के इस आरोप पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने कहा कि अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना “नाकामी” है, तो फिर आपके प्रिय नेहरू भी क्या “Compromised PM” थे?
नेहरू का नाम लेकर राहुल पर निशाना साधाअमित मालवीय ने X पर लिखा, "अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना “नाकामी” है, तो फिर आपके प्रिय नेहरू जी भी क्या “Compromised PM” थे?

अमित मालवीय ने कहा कि खुद नेहरू ने कहा था कि जब दूसरे देशों में युद्ध होता है तो उसका असर भारत में महंगाई के रूप में पड़ता है। क्या तब भी यह “बहाना” था, या तब यह जिम्मेदार नेतृत्व माना जाता था?
प्रधानमंत्री हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैंः राहुल
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।'
राहुल बोले- ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं
राहुल गांधी ने दावा किया कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, '12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।' उन्होंने यह दावा भी किया कि देश चलाना अब ‘‘कम्प्रोमाइज्ड पीएम’’ के बस की बात नहीं।
मोदी ने क्या अपील की थी, जिस पर राहुल ने साधा निशानादरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा था कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया। बीजेपी की तेलंगाना इकाई की एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
नेहरू का नाम लेकर राहुल पर निशाना साधाअमित मालवीय ने X पर लिखा, "अगर जनता से जिम्मेदारी निभाने की अपील करना “नाकामी” है, तो फिर आपके प्रिय नेहरू जी भी क्या “Compromised PM” थे?
अमित मालवीय ने कहा कि खुद नेहरू ने कहा था कि जब दूसरे देशों में युद्ध होता है तो उसका असर भारत में महंगाई के रूप में पड़ता है। क्या तब भी यह “बहाना” था, या तब यह जिम्मेदार नेतृत्व माना जाता था?
प्रधानमंत्री हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देते हैंः राहुल
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।'
राहुल बोले- ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं
राहुल गांधी ने दावा किया कि ये उपदेश नहीं बल्कि नाकामी के सबूत हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, '12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।' उन्होंने यह दावा भी किया कि देश चलाना अब ‘‘कम्प्रोमाइज्ड पीएम’’ के बस की बात नहीं।
मोदी ने क्या अपील की थी, जिस पर राहुल ने साधा निशानादरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को कहा था कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने के लिए प्रयास कर रही है और उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने और देश की मदद करने के लिये कदम उठाने का आह्वान किया। बीजेपी की तेलंगाना इकाई की एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है, तो संकट से निपटने के विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
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