5वीं और 6ठी पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट, राजनाथ सिंह ने भविष्य की रक्षा तैयारियों पर खींच दी बड़ी लाइन

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नई दिल्ली: भारत अपने 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट (AMCA) प्रोजेक्ट पर पहले से ही काम कर रहा है, लेकिन अगले दशक की शुरुआत में 6ठी पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट को लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर भी चल रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को डिफकॉन 2026 (DefCon 2026) में जो कुछ कहा, उससे साफ हो चुका है कि सरकार इन अत्याधुनिक स्वदेशी फाइटर जेट के प्रोजेक्ट पर कितनी गंभीरता से फोकस कर रही है।
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सरकार ने रक्षा बजट तीन गुना बढ़ा दिया-राजनाथ सिंहरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का रक्षा बजट तीन गुना बढ़ चुका है और स्वदेशी रक्षा उत्पादन में हम चार गुना बढ़ोतरी कर चुके हैं। दुश्मन को भनक तक न लगने देकर उनका काम तमाम करने में सक्षम अगली पीढ़ी के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोजेक्ट के लिए यह बहुत बड़ा संदेश है। रक्षा मंत्री के मुताबिक रक्षा क्षेत्र में जो खर्च बढ़ा है, उसकी वजह इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, टेक्नोलॉजी और रिसर्च पर बहुत ज्यादा फोकस बढ़ाना है।



5वीं और 6ठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर भी काम
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात दोहराई कि देश नई पीढ़ी की मिलिट्री टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है, जिसमें पांचवीं और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं।
  • भारत की यह तैयारियां भविष्य के युद्ध में पड़ने वाली जरूरतों को ध्यान में रखकर चल रही हैं।
  • इसके तहत कई और स्वदेशी एडवांस स्ट्रैटजिक सिस्टम पर भी काम चल रहा है, जिनमें अग्नि-5 मिसाइल और मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटबल री-एंट्री व्हीकल टेक्नलॉजी भी शामिल हैं।
  • रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सुरक्षा रणनीति में कूटनीति और सैन्य तैयारियों में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है।
  • मतलब, देश कूटनीतिक तौर पर बातचीत जारी रखेगा, लेकिन साथ के साथ पैदा होने वाली रक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमता को निरंतर मजबूत करता रहेगा।
  • सरकार की रणनीति यह है कि ऐसा डिफेंस इकोसिस्टम तैयार हो, जिसमें न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी हों, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने में भी हम सक्षम हों।



6ठी पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए दी है टाइमलाइन
  • भारत के रक्षा मंत्री के स्तर पर छठी पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट बनाने की तैयारियों की बात सबसे पहले इस साल फरवरी में सामने आई थी। तब राजनाथ सिंह रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक फैसिलिटी पहुंचे थे।
  • बेंगलुरु में उन्होंने डीआरडीओ वैज्ञानिकों को सीधे-सीधे कहा था कि उनके पास छठी पीढ़ी के फाइटर एटरक्राफ्ट के एयरो इंजन बनाने के लिए 5 से 7 साल हैं। तब रक्षा मंत्री बोले थे, 'हमें यह निश्चित तौर पर देखना होगा कि 20 साल पहले ही गुजर चुके हैं और अब हमारे पास मात्र 5 से 7 वर्ष बचे हैं।'
  • बता दें कि अभी पांचवीं पीढ़ी के जिस स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट (AMCA) पर काम चल रहा है, उसके पांच प्रोटोटाइप 2031 तक तैयार होने की संभावना है।