चीन में तैनात भारतीय राजदूत की सेना प्रमुख से खास मुलाकात, क्या कुछ बड़ा करने जा रहा भारत?

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नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिश्केक में चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की थी। इस मीटिंग में वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC ) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने को लेकर लंबी चर्चा हुई थी। राजनाथ की इस मीटिंग के बाद अब चीन में तैनात भारत के राजदूत विक्रम के दोराईस्वामी ने भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की है। भारतीय सेना की तरफ से इस मीटिंग की तस्वीर साझा की गई है, तस्वीर शेयर कर बताया गया कि इस मीटिंग में जियो स्ट्रेटजिक (भू-रणनीतिक) मुद्दों को लेकर बातचीत हुई।
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भारत और चीन के संबंधों में सुधार!सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी के साथ चीन में तैनात भारत के राजदूत की मीटिंग को लेकर इसलिए भी चर्चाएं की जा रही हैं, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जंग जितनी लंबी खिंचती जा रही है, भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार उतना तेज नजर आ रहा है। दरअसल, ईरान और इजरायल की जंग में अमेरिका के कूदने से पूरी दुनिया संकट में घिर गई है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने वाले जहाजों पर फायरिंग कर उन्हें कब्जे में लेना शुरू किया तो अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया।

होर्मुज पर ब्लॉकेड ने बढ़ाई चिंताअमेरिका का कहना है कि या तो सभी देशों के जहाज यहां से गुजरेंगे या फिर किसी भी देश का जहाज यहां से नहीं गुजरेगा। ऐसी स्थित में भारत और चीन जैसे देशों के सामने बड़ी समस्या है। दोनों ही देश अपने देश में ऊर्जा के लिए अलग-अलग देशों पर निर्भर हैं। होर्मुज ब्लॉक होने के कराण तेल के टैंकर आने का सिलसिला बेहद कम हो गया है। ऐसी स्थित में भारत अपनी एनर्जी से जुड़ी जरूरतों के लिए अलग-अलग देशों करी तरफ देख रहा है।

रिश्ते सुधारने के लिए अब तक क्या किया
  • भारत और चीन दोनों ही व्यापारिक चिंता को दूर करने को लेकर बातचीत कर चुके हैं।
  • दोनों देशों के बीच गलवान मामले के बाद रोकी दी गई उड़ानें और टूरिज्म फिर से शुरू कर दिए गए हैं।