प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह उठते ही तमिलनाडु के CM विजय को दे दी जन्मदिन की बधाई, सौंपने वाले हैं बड़ी जिम्मेदारी?

Newspoint
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय को उनके जन्मदिन की बधाई दी है। पीएम ने सुबह करीब आठ बजे ही सीएम विजय को यह बधाई दी है। माना जा रहा है कि इस बधाई के पीछे तमिलनाडु के साथ केंद्र के रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश है। दरअसल, केंद्र सरकार पहली बार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के क्लस्टर बनाने पर काम कर रही है। हर क्लस्टर को खास IIT और दूसरे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का सपोर्ट मिलेगा। इसका मकसद डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जिससे आयात पर निर्भरता कम हो और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले। प्रस्तावित सात क्लस्टर उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में पहले से मौजूद डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से अलग हैं। इन सात में भी तमिलनाडु में भी एक क्लस्टर बनने जा रहा है।
Hero Image




पीएम नरेंद्र मोदी ने विजय को बधाई संदेश में क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय को जन्मदिन की बधाई दी और उनके लंबे, स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने संदेश में कहा, 'तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु सी जोसेफ विजय जी को जन्मदिन की बधाई। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।' पीएम का यह ट्वीट वायरल हो गया और इसे दोपहर तक 23 लाख से ज्यादा लोग देख चुके थे।



11 जून को पीएम मोदी से सीएम विजस ने की थी मुलाकात
बीते 11 जून को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की थी। राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद पिछले महीने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद विजय की प्रधानमंत्री के साथ यह दूसरी मुलाकात थी। PMO ने X पर एक पोस्ट में कहा था, 'तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।


रक्षा मंत्रालय का पूरे देश को साथ लेकर चलने वाला प्रस्ताव
बिजनेसलाइन की एक खबर के अनुसार, 'रक्षा मंत्रालय का पूरे देश को साथ लेकर चलने वाला' प्रस्ताव विचार-विमर्श के एडवांस स्टेज में है। रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने 2 जून और 10 जून को राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, डिफेंस PSU, IIT और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस जैसे स्टेकहोल्डर्स के साथ दो बैठकें की हैं। सभी सात क्लस्टर को औपचारिक रूप दिया गया और उनके लिए अलग-अलग रोडमैप या विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए थीम तय की गईं।'


जुलाई में जमा करनी होगी रिपोर्ट
क्लस्टर्स से कहा गया है कि वे अगले महीने तक अपनी रिपोर्ट जमा करें। इन रिपोर्ट्स में खास एजेंडा में उनके योगदान, मुश्किलों, इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों, नियमों से जुड़ी जरूरतों और 'ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस' (कारोबार में आसानी) के उपायों की जानकारी देनी होगी। इन जानकारियों के आधार पर, केंद्र सरकार डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और व्यापक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पॉलिसी से जुड़े उपायों पर विचार कर सकती है।