'हम कुरान और सुन्नत की पैरवी करने वाले लोग हैं..': इक्वलिटी पर बोले असदुद्दीन ओवैसी- हम उसको ठोकर मारते हैं

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नई दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह ने देश के ज्यादातर राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने के लिए 2029 की डेडलाइन क्या दी है, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी , इसको लेकर बीजेपी सरकार पर वार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। उनका आरोप है कि बीजेपी और आरएसएस कभी इस देश की विविधता को समझ ही नहीं पाए; इसलिए समानता की बात करते हैं।


'बीजेपी बार-बार इक्वलिटी की बात करती है'हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सुबह-सुबह एक वीडियो जारी कर यूसीसी के मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी बार-बार इक्वलिटी की बात करती है...बीजेपी इस देश की विविधता को नहीं समझ पाई।'
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'हम कुरान और सुन्नत की पैरवी करने वाले हैं'उन्होंने कहा, 'जिस दिन बीजेपी-आरएसएस इस देश की विविधता को समझेगी, जिसको ऊर्दू में हम बोलते हैं रंगा-रंगी, तभी जाकर इक्विलिटी पैदा होगी। उसके बगैर इक्वलिटी नहीं पैदा हो सकती है। इस देश की विविधता को समझना है।' उन्होंने एक्स पर लिखा, हम हेडगेवार, गोलवरकर और सावरकर की विचारधारा को नहीं, बल्कि संविधान को मानने वाले हैं।'



'हम यूसीसी को संविधान के खिलाफ मानते हैं'इससे पहले मध्य प्रदेश की एक रैली में असदुद्दीन ओवैसी यहां तक कह चुके हैं, 'मेरी आपसे गुजारिश है, सेल फोन की लाइट खोलकर मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार की दिमाग की बत्ती जला दो...हम इसे मुस्तरद करते हैं..हम तुम्हारे यूसीसी को संविधान के खिलाफ मानते हैं।'


यूनिफॉर्म सिविल कोड पर संवैधानिक प्रावधान
  • जहां तक संविधान की बात है तो राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों से जुड़े अनुच्छेद-44 में सरकार को पूरे भारत में नागरिकों को एक समान नागरिक संहिता (UCC) सुनिश्चित करने के प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।
  • यह मौलिक अधिकारों की तरह सरकार के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी या कोर्ट से तामील करवाने के रूप में नहीं है, लेकिन संविधान में सरकार से इसे लागू कराने की उम्मीद जरूर की गई है।

यूसीसी पर क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह
  • बीजेपी शासित राज्यों में या तो यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया जा चुका है या इसकी प्रक्रिया लगातार चल रही है।
  • इसी कड़ी में गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू हो जाएगा, इसी के बाद से असदुद्दीन ओवैसी ने इसे अपना राजनीतिक मुद्दा बना लिया है।
  • उत्तराखंड पहला राज्य है, जहां समान नागरिकता संहिता लागू है। गुजरात, मध्य प्रदेश और असम में इसे पास किया जा चुका है, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में इसकी प्रक्रिया शुरू है, त्रिपुरा ने भी तैयारी शुरू कर दी है।