सौरव दास के खिलाफ PIL, CJP नेता की पहचान, माता-पिता और बैकग्राउंड जांचने की मांग, मद्रास हाई कोर्ट से नोटिस जारी
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी नेता सौरव दास के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में उनकी और उनके माता-पिता की पहचान और बैकग्राउंड की जांच की मांग की गई है। याचिका में यह भी मांग की गई है कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनका पासपोर्ट और आधार नंबर कैंसिल कर दिया जाए। इसपर मद्रास हाई कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

सौरव दास के खिलाफ पीआईएल दायरमद्रास हाई कोर्ट में सीजेपी नेता सौरव दास के खिलाफ जो पीआईएल दायर की गई है, उसमें उनपर सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने के भी आरोप लगाए गए हैं और उनके अकाउंट्स बंद करने की मांग की गई है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता का आरोप है कि सौरव दास ने एक्स और इंस्टाग्राम पर न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
मद्रास हाई कोर्ट ने सौरव दास से मांगा जवाब
दिल्ली की एसईएम ने भी मांगे हैं दस्तावेज
सौरव दास के खिलाफ पीआईएल दायरमद्रास हाई कोर्ट में सीजेपी नेता सौरव दास के खिलाफ जो पीआईएल दायर की गई है, उसमें उनपर सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने के भी आरोप लगाए गए हैं और उनके अकाउंट्स बंद करने की मांग की गई है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार याचिकाकर्ता का आरोप है कि सौरव दास ने एक्स और इंस्टाग्राम पर न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
मद्रास हाई कोर्ट ने सौरव दास से मांगा जवाब
- याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की कि सौरव दास को न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट के जजों के बारे में आगे से कथित अपमानजनक बयान देने से रोका जाए।
- मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस एसए धर्माधिकारी और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने इस मामले में सौरव दास समेत, केंद्र सरकार, कुछ प्राइवेट पार्टियों से भी जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले में आगे की सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।
दिल्ली की एसईएम ने भी मांगे हैं दस्तावेज
- बता दें कि इससे पहले दिल्ली के एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दिल्ली में उनके मौजूदा आवासीय पते से जुड़े दस्तावेज जमा करने को कहा है।
- पिछल हफ्ते पीस बॉन्ड के उल्लंघन के आरोपों की सुनवाई के दौरान एसईएम ऋतु राज ने कहा कि जो दस्तावेज जमा किए गए हैं, उसमें रेंट एग्रीमेंट या लीज डॉक्यूमेंट नहीं हैं, जिससे उनके दिल्ली वाले पते की पुष्टि की जा सके।
- सौरव दास के वकीलों ने संबंधित दस्तावेज जुटाने के लिए अदालत से वक्त की मांग की है।
- एसईएम ने मोहलत देते हुए अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है, जब मांगे गए दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी।
- मामला 12 अक्टूबर को पीस बॉन्ड का उल्लंघन करके डिनोटिफाई हो चुके जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से जुड़ा है।
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