भारत की पहली महिला CJI की रेस में सबसे आगे कौन, सुप्रीम कोर्ट के 37 जजों में हैं सिर्फ तीन

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नई दिल्ली: गुजरात हाई कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल के सुप्रीम कोर्ट में आने से देश की सर्वोच्च अदालत में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में अब कुल जजों की निर्धारित संख्या बढ़ाकर 38 कर दी गई है, जिसमें सीजेआई सूर्यकांत समेत अभी कुल 37 जज हैं और एक पद खाली है। जस्टिस सुनीता अग्रवाल से पहले सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस वी मोहना देश की आधी आबादी का प्रतिविधित्व कर रही थीं।
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जब सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 होती थी, तब एक समय में चार महिला जज भी हो चुकी हैं। उस लिहाज से अभी इनकी भागीदारी काफी कम है। एक वक्त जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस बीवी नागरत्ना सर्वोच्च न्यायालय में एकसाथ योगदान दे चुकी हैं।


जस्टिस बीवी नागरत्ना बन सकती हैं पहली महिला सीजेआईभारतीय सुप्रीम कोर्ट के 76 साल के इतिहास में एक भी महिला सीजेआई नहीं हुई हैं। इस रेस में पहला नाम जस्टिस बीवी नागरत्ना का है,जिनकी भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस बनने की संभावना है।


पहली महिला सीजेआई का कार्यकाल मात्र 36 दिन होगा
बाकी दोनों महिला जजों की सीजेआई बनने की राह मुश्किल
  • जहां तक जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस वी मोहना की बात है तो इनकी भारत की चीफ जस्टिस बनने की संभावना बहुत ही कम है।
  • क्योंकि, जस्टिस सुनीता अग्रवाल 29 अप्रैल, 2031 को रिटायर कर जाएंगी। वहीं जस्टिस वी मोहना का कार्यकाल 26 जून, 2031 को समाप्त हो जाएगा।ॉ

अगले सीजेआई बनने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज
  • जस्टिस नागरत्ना के रिटायरमेंट के बाद सुप्रीम कोर्ट के जो जज सीजेआई बनने की कतार में पहले से हैं, उनमें-
  • जस्टिस पी नरसिम्हा (30 अक्टूबर, 2027 से 2 मई, 2028)
  • जस्टिस जेबी पारदीवाला (3 मई,2028 से 11 अगस्त, 2030)
  • जस्टिस केवी विश्वनाथन (12 अगस्त, 2030 से 25 मई, 2031)
  • जस्टिस जॉटमाल्या बागची (26 मई, 2031 से 2 अक्टूबर, 2031)
  • जस्टिस वीएम पंचोली (3 अक्टूबर,2031 से 27 मई, 2033)