'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीदों का अपमान, कांग्रेस बोली- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को हटाया जाए

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नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में 6 भारतीय जवानों के शहीद होने की जानकारी जब से सामने आई है, इसे लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का इस्तीफा मांगा है। AICC एक्स-सर्विसमेन डिपार्टमेंट के चेयरमैन कर्नल (रिटायर्ड) रोहित चौधरी और विंग कमांडर (रिटायर्ड) अनुमा विदिशा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

इस दौरान कर्नल (रि.) रोहित चौधरी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सेना और सैनिकों का अपमान किया है। हम उनके इस्तीफे की मांग करते हैं। रक्षा मंत्री जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद में झूठ बोल रहे थे कि किसी सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ है, तो बीजेपी सांसद तालियां बजा रहे थे। इनमें से किसी को भी सदन में बैठने का अधिकार नहीं है।
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'हमने PoK को वापस लाने का मौका गंवा दिया'
कर्नल (रि.) रोहित चौधरी यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान PoK को वापस लाने का मौका गंवा दिया। हमारी विदेश नीति बहुत कमजोर रही है। हमें 60 सांसदों को विदेश भेजना पड़ा ताकि वे दुनिया को हमारी बात बता सकें। US प्रेसिडेंट ट्रंप ने आसिम मुनीर को दावत पर बुलाया। पाकिस्तान को ग्लोबल संस्थाओं से बड़े लोन मिले। दुनिया के सभी आतंकवादी संगठनों पर नजर रखने की जिम्मेदारी पाकिस्तान को सौंप दी गई।




'रक्षा मंत्री के खिलाफ लाया जाए विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव'
AICC एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट के चेयरमैन कर्नल (रि.) चौधरी ने इस दौरान कई मांगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है-
⦿ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उनके पद से हटाया जाए
⦿ रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाए
⦿ नरेंद्र मोदी और बीजेपी सांसद राजनाथ सिंह के झूठ का समर्थन करने के लिए माफ़ी मांगें
⦿ अग्निवीर योजना को पूरी तरह से खत्म किया जाए



पहलगाम अटैक: कांग्रेस नेता बोले- यह किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था थी
कर्नल (रि.) चौधरी ने कहा कि हर साल जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की समीक्षा की जाती है। गृह मंत्री अमित शाह ने 6 से 8 अप्रैल, 2025 के बीच सुरक्षा की समीक्षा की और 17 अप्रैल को वहां होने वाले प्रधानमंत्री के दौरे को रद्द कर दिया। अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई थी, लेकिन ठीक पांच दिन बाद पहलगाम में हमला हो गया। एक घंटे के दौरान लोगों को चुन-चुनकर मारा गया। इस दौरान टूरिस्ट ऑपरेटरों को हमले के बारे में पता चल गया था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को इसकी कोई भनक तक नहीं लगी। यह किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था थी?

कर्नल (रि.) रोहित चौधरी और विंग कमांडर (रिटायर्ड) अनुमा विदिशा की PC
विंग कमांडर (रिटायर्ड) अनुमा विदिशा ने इस दौरान कहा कि भारत सरकार ने बताया था कि आतंकवादियों के 9 ठिकानों में से 6 पर भारतीय सेना ने और 3 पर भारतीय वायु सेना ने हमला किया था। लेकिन सभी जानते हैं कि हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि हमने ऑपरेशन की शुरुआत में ही पाकिस्तान को बता दिया था कि हम सिर्फ आतंकवादियों के ठिकानों पर ही हमला करेंगे। दूसरे शब्दों में कहें तो- ऐसा करके सरकार ने वायु सेना के 'सरप्राइज़ एलिमेंट' (अचानक हमला करने के फायदे) को खत्म कर दिया था। यही वजह थी कि हमें जवाबी हमले का सामना करना पड़ा, और इस बात की पुष्टि खुद CDS अनिल चौहान ने की थी।

केंद्र सरकार पर कांग्रेस का करारा अटैक
अनुमा विदिशा ने आगे का कि सिंगापुर में ब्लूमबर्ग और रॉयटर्स से बात करते हुए CDS अनिल चौहान ने कहा था कि शुरुआत में हमसे कुछ गलतियां हुईं, जिससे हमें नुकसान उठाना पड़ा, लेकिन बाद में हमने उन्हें सुधारा और स्ट्राइक को अंजाम दिया। इसके अलावा, जकार्ता में हमारे डिफेंस अताशे कैप्टन शिवकुमार ने कहा था कि हमारे देश में सेना सरकार के आदेशों का पालन करती है और उन्होंने माना था कि सेना के पास पूरी आजादी नहीं थी।

' मोदी सरकार, सेना और सैनिकों का राजनीतिकरण करती है'
अनुमा विदिशा ने कहा कि बीजेपी सरकार के सत्ता में आने से पहले, एक परंपरा थी कि जो कोई भी देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देता था, उसे सार्वजनिक रूप से सम्मान और आभार के साथ याद किया जाता था। लेकिन मोदी सरकार, जो सेना और सैनिकों का राजनीतिकरण करती है, उसने बार-बार देश और सैनिकों के साथ धोखा किया है। जिस तरह हमारे DGMO ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'कुछ हताहत' होने की बात कही, उससे पता चलता है कि उन पर कितना राजनीतिक दबाव था, क्योंकि हमारा कोई भी सैनिक अपने साथी के साथ ऐसा नहीं कर सकता था।