'बात का बतंगड़...'PM मोदी के पिता का अपमान, मल्लिकार्जुन खरगे के बचाव में खुलकर उतरे शशि थरूर- मतलब बिल्कुल साफ..

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नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर पूरी तरह से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बचाव में कूद पड़े हैं और दावा किया है कि उनके नेता ने किसी का कोई अपमान नहीं किया। बता दें कि खरगे पर आरोप है कि उन्होंने रविवार को पटना में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसको लेकर बीजेपी कांग्रेस पर बहुत ही ज्यादा आक्रामक है।


केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पीएम मोदी के दिवंगत पिता के अपमान को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे पर लग रहे आरोपों का जमकर बचाव किया है। उनका दावा है कि देश में लोगों को बात का बतंगड़ बनाने की आदत है, और कांग्रेस अध्यक्ष जो कुछ भी कहना चाह रहे थे, उसका मतलब बिल्कुल साफ है।



'मल्लिकार्जुन खरगे ने किसी का अपमान नहीं किया'दिल्ली में शशि थरूर ने इस मुद्दे पर मीडिया की ओर से पूछे गए सवालों पर कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे देश में चीजों को इस तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने..ऐसे मामलों पर ड्रामा करने की आदत है...।'



खरगे ने कहा- 'मोदी का बाप भी जाएगा'दरअसल, रविवार को पटना में राज्य के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राजनीतिक भाषण दे रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस के एक समर्थक ने दावा कर दिया कि कुछ भी कर लें, पीएम मोदी कहीं नहीं जाने वाले। इसी पर खरगे काफी भड़क गए और सारी लोकतांत्रिक मर्यादाएं तार-तार करते हुए कह दिया कि "मोदी का बाप भी जाएगा।" इस दौरान कांग्रेस समर्थक यह कहता सुना गया कि पीएम मोदी को हटाने के लिए 'विद्रोह' करना होगा। हालांकि, हॉल में मौजूद लोग उसे मोदी समर्थक समझकर पहले ही भगाने में जुट चुके थे।


कांग्रेस में खरगे के खिलाफ लड़े थे चुनाव2022 में जब मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ तो शशि थरूर ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर दावेदारी ठोक दी और इसके लिए चुनाव आयोजित किए गए। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मौन समर्थन की वजह से खरगे ने आसान जीत दर्ज की, लेकिन थरूर अंत-अंत तक चुनाव से पीछे नहीं हटे।


कांग्रेस की लाइन पर चलने की कोशिशबाद में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर थरूर ने खुलकर मोदी सरकार का समर्थन किया और इसकी वजह से कई बार पार्टी नेताओं के निशाने पर भी आए। लेकिन, पिछले कुछ समय से थरूर राजनीतिक मसलों पर पार्टी लाइन पर ही चलने की कोशिश करते दिख रहे हैं।