NTA पर फिर उठ रहे सवाल, लेट फीस लेने को लेकर एक नई चर्चा शुरू; खर्चे की भरपाई स्टूडेंट से?

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नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( NTA ) पेपर लीक सहित कई मामलों को लेकर विवादों में रही है। अब उसकी तरफ से लेट फीस लेने को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। पूछा जा रहा है कि क्या एजेंसी ने अप्रत्यक्ष रूप से फीस बढ़ाने का तरीका तलाश लिया है, क्योंकि मौजूदा माहौल में अगर सीधे-सीधे एग्जाम फीस बढ़ाई जाती तो आवेदकों का गुस्सा झेलना पड़ सकता था। यह भी पूछा जा रहा है कि जब NTA के पास रेवेन्यू सरप्लस है, तो पहले से ही इतनी ज्यादा एग्जाम फीस में लेट फीस जोड़ने की क्या जरूरत? एजेंसी में इन दिनों नई नियुक्तियों चल रही हैं। इससे खर्चा भी बढ़ा है। क्या खर्चे की भरपाई स्टूडेंट्स से करने का यह नया तरीका है?

मासूम बयान या कुछ औरएक पैरामिलिट्री फोर्स के चीफ ने सरकारी कार्यक्रम में जो बोला, उसे लेकर काफी हल्ला हुआ। कार्यक्रम जब चल ही रहा था और चीफ की स्पीच जारी थी, उसी वक्त हॉल के भीतर खुसर-पुसर होने लगी थी कि यह जैसा बोल रहे हैं, वह कहीं दिक्कत ना कर दे। जैसे-जैसे उनकी स्पीच आगे बढ़ी और दायरा दुनिया में चल रहे युद्ध तक पहुंचा तो फिर से फोर्स के अंदर कैडर अधिकारियों और बाहर से आए आईपीएस का मुद्दा गरम होने लगा।

कैडर अधिकारियों को यह कहने का मौका मिल गया कि जब सरकार आईपीएस को ऐसी संवेदनशील फोर्स का चीफ बनाएगी, तो कभी ना कभी यह होना ही था। आईपीएस को कम से कम छह महीने तो बॉर्डर की चुनौतियों और फोर्स की कार्यप्रणाली व संवेदनशीलता को समझने में ही लग जाते हैं। बयान को लेकर कई थिअरी भी चलने लगीं। सवाल उठे कि उन्होंने सिर्फ फोर्स का मनोबल बढ़ाने और तारीफ करने के लिए ऐसा कहा, या फिर सोच-समझकर किसी प्लानिंग के तहत? एक नेता से उनकी करीबी की चर्चा भी चल पड़ी।

दिल मांगे मोरयूपी चुनाव से पहले दोनों ही गठबंधन के भीतर शक्ति प्रदर्शन की होड़ लगी हुई है। कांग्रेस की तरफ से 175 से 200 सीटों की मांग के बाद समाजवादी पार्टी के लोग पिछले चुनावी प्रदर्शन की याद दिला रहे हैं। अपनी ताकत दिखाने के लिए केवल सर्वे का हवाला ही नहीं दिया जा रहा, बल्कि नेता ऑफ रेकॉर्ड बातचीत में पत्रकारों के सामने ऐसा शिगूफा भी छोड़ दे रहे हैं, जिससे सामने वाले दल को लगे कि यह तो झुकने वाले नहीं हैं। इसी तरह, एनडीए की छोटी पार्टियां भी इस बार BJP से ज्यादा हिसाब-किताब कर रही हैं। वे पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रदर्शन की ओर ध्यान दिला रही हैं।

सुर्खियां बटोरने की कोशिश सुप्रीम कोर्ट में एक वकील राहुल गांधी की कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला लेकर पहुंचे थे। उन्होंने दलील दी कि राहुल गांधी ने किसी कार्यक्रम में कहा है कि ईडी और सीबीआई के 200 अधिकारियों से उनका संपर्क है। वकील ने इस बयान को आधार बनाया और मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करने की मांग की। चीफ जस्टिस को इस दलील में दम कम और मीडिया में चमकने की कोशिश ज्यादा नजर आई। उन्होंने वकील से पूछ ही लिया कि क्या आपने इस बारे में किसी न्यूज चैनल से सलाह ली है, आप सिर्फ मीडिया का ध्यान खींचने के लिए यह मामला उठाना चाहते हैं क्या?