NPS Partial Withdrawal Rules 2026: क्या जरूरत पड़ने पर एनपीएस से निकाल सकते हैं पैसा? जानिए नए नियम
अक्सर लोग नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को एक ऐसे निवेश के रूप में देखते हैं जिसका लाभ केवल 60 साल की उम्र के बाद यानी रिटायरमेंट पर ही मिलता है। इसमें कोई शक नहीं है कि यह बुढ़ापे को सुरक्षित करने का एक बेहतरीन जरिया है। लेकिन जीवन अनिश्चितताओं से भरा है और कभी-कभी हमें अचानक बड़े फंड की जरूरत पड़ सकती है। क्या आप जानते हैं कि साल 2026 के नए नियमों के अनुसार, आप कुछ खास परिस्थितियों में अपने एनपीएस खाते से समय से पहले भी पैसा निकाल सकते हैं?
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस के नियमों को काफी लचीला बनाया है ताकि संकट के समय यह फंड निवेशकों के काम आ सके। आइए जानते हैं कि आप कब, कैसे और कितना पैसा अपने एनपीएस खाते से निकाल सकते हैं।
निकासी के लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त
एनपीएस से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) करने के लिए सबसे जरूरी शर्त समय सीमा है। नियमों के मुताबिक, आप अपने एनपीएस खाते से तभी पैसा निकाल सकते हैं जब आपका खाता कम से कम तीन साल पुराना हो। इसके साथ ही, आपने अपने खाते में नियमित रूप से निवेश किया हो। अगर आपका खाता तीन साल की अवधि पूरी नहीं करता है, तो आप किसी भी आपात स्थिति में इससे निकासी नहीं कर पाएंगे।
किन परिस्थितियों में मिलता है पैसा?
सरकार ने बहुत ही स्पष्ट और मानवीय आधारों पर एनपीएस से निकासी की अनुमति दी है। आप नीचे दी गई स्थितियों में अपने फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं:
कितना पैसा निकाल सकते हैं और क्या लगेगा टैक्स?
एनपीएस से निकासी की एक सीमा तय की गई है ताकि आपके बुढ़ापे का फंड पूरी तरह खत्म न हो जाए। आप अपने कुल योगदान (Own Contribution) का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल सकते हैं। ध्यान रहे कि इसमें आपके नियोक्ता (Employer) द्वारा जमा किया गया पैसा शामिल नहीं होता है।
सबसे अच्छी बात यह है कि इमरजेंसी के लिए निकाली गई यह राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। यानी इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा और अप्रूवल मिलते ही यह सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
आवेदन कैसे करें?
इमरजेंसी फंड पाने के लिए आपको अपने संबंधित पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (POP), नोडल ऑफिस या एनपीएस के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आपको अपने खर्चों का पुख्ता सबूत भी देना होता है। उदाहरण के तौर पर, इलाज के लिए अस्पताल के बिल, पढ़ाई के लिए कॉलेज के कागजात या घर खरीदने के लिए सेल एग्रीमेंट की कॉपी लगानी होगी।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निकासी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके कागजात सही और पूरे हों।
एक जरूरी सलाह
हालांकि एनपीएस आपको संकट के समय पैसा निकालने की सुविधा देता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में ही करना चाहिए। याद रखें कि आज निकाला गया थोड़ा सा पैसा आपके भविष्य के रिटायरमेंट कॉर्पस को कम कर सकता है। अगर संभव हो, तो अन्य बचत का इस्तेमाल पहले करें और एनपीएस को अपने सुनहरे कल के लिए सुरक्षित रखें।
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस के नियमों को काफी लचीला बनाया है ताकि संकट के समय यह फंड निवेशकों के काम आ सके। आइए जानते हैं कि आप कब, कैसे और कितना पैसा अपने एनपीएस खाते से निकाल सकते हैं।
निकासी के लिए सबसे पहली और अनिवार्य शर्त
एनपीएस से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) करने के लिए सबसे जरूरी शर्त समय सीमा है। नियमों के मुताबिक, आप अपने एनपीएस खाते से तभी पैसा निकाल सकते हैं जब आपका खाता कम से कम तीन साल पुराना हो। इसके साथ ही, आपने अपने खाते में नियमित रूप से निवेश किया हो। अगर आपका खाता तीन साल की अवधि पूरी नहीं करता है, तो आप किसी भी आपात स्थिति में इससे निकासी नहीं कर पाएंगे।किन परिस्थितियों में मिलता है पैसा?
सरकार ने बहुत ही स्पष्ट और मानवीय आधारों पर एनपीएस से निकासी की अनुमति दी है। आप नीचे दी गई स्थितियों में अपने फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं: - गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: यदि खाताधारक, उसके जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता को किसी गंभीर बीमारी का इलाज करवाना हो।
- बच्चों की उच्च शिक्षा: बच्चों की कॉलेज फीस या पढ़ाई से जुड़े बड़े खर्चों के लिए।
- बच्चों की शादी: बेटे या बेटी के विवाह के खर्चों को पूरा करने के लिए।
- घर की खरीदारी या निर्माण: यदि आप अपना पहला घर खरीदना चाहते हैं या बनवाना चाहते हैं।
- कौशल विकास (Skill Development): अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किसी विशेष कोर्स या ट्रेनिंग के लिए।
कितना पैसा निकाल सकते हैं और क्या लगेगा टैक्स?
एनपीएस से निकासी की एक सीमा तय की गई है ताकि आपके बुढ़ापे का फंड पूरी तरह खत्म न हो जाए। आप अपने कुल योगदान (Own Contribution) का अधिकतम 25 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल सकते हैं। ध्यान रहे कि इसमें आपके नियोक्ता (Employer) द्वारा जमा किया गया पैसा शामिल नहीं होता है।सबसे अच्छी बात यह है कि इमरजेंसी के लिए निकाली गई यह राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। यानी इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा और अप्रूवल मिलते ही यह सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
आवेदन कैसे करें?
इमरजेंसी फंड पाने के लिए आपको अपने संबंधित पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (POP), नोडल ऑफिस या एनपीएस के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ आपको अपने खर्चों का पुख्ता सबूत भी देना होता है। उदाहरण के तौर पर, इलाज के लिए अस्पताल के बिल, पढ़ाई के लिए कॉलेज के कागजात या घर खरीदने के लिए सेल एग्रीमेंट की कॉपी लगानी होगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही निकासी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके कागजात सही और पूरे हों।
एक जरूरी सलाह
हालांकि एनपीएस आपको संकट के समय पैसा निकालने की सुविधा देता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका इस्तेमाल अंतिम विकल्प के रूप में ही करना चाहिए। याद रखें कि आज निकाला गया थोड़ा सा पैसा आपके भविष्य के रिटायरमेंट कॉर्पस को कम कर सकता है। अगर संभव हो, तो अन्य बचत का इस्तेमाल पहले करें और एनपीएस को अपने सुनहरे कल के लिए सुरक्षित रखें। Next Story