जानवरों की तरह कच्चा मांस खाती है लड़की, रोज चबा जाती है 1 किलो, पेट की हुई जांच तो दंग रह गए डॉक्टर''

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अपने शेर, चीते, मगरमच्छ, या अन्य मांसाहारी जीवों को कच्चा मांस खाते देखा होगा. कई शिकार कर के खाते हैं, तो वहीं जो ज़ू या किसी सुरक्षित जगह पर बंद होते हैं, उन्हें कच्चा मांस दिया जाता है.

पर क्या आपने कभी किसी इंसान को कच्चा मांस खाते देखा है? इन दिनों अमेरिका की एक लड़की काफी चर्चा में है जो कच्चा मांस खाती है. वो रोज 1 किलो तक मांस चबा जाती है. जब उसके पेट की जांच हुई तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर दंग रह गए.

फ्लोरिडा की एक टैटू शॉप की मालकिन वेंडी मार्शल 28 साल की हैं और उन्हें एक अजीबोगरीब शौक है. वेंडी रोज़ाना करीब दो पाउंड कच्चा मांस खाती हैं. ग्राउंड बीफ, कोल्ड कट्स, पूरे रोस्ट, पोर्टरहाउस स्टीक, जितना ज्यादा कच्चा और खून से भरा मांस हो, उतना ही उन्हें पसंद है. उनका कहना है कि उन्हें "हड्डी से मांस को सीधे नोचकर खाने" में अजीब सा सुकून मिलता है. यह कहानी टीवी शो My Strange Addiction के एक एपिसोड के जरिए सामने आई, जिसने सोशल मीडिया पर भी काफी हलचल मचा दी है. वेंडी मार्शल का दावा है कि यह आदत उन्हें बचपन से है, जब वे अपनी दादी के साथ बैठकर कच्चा मांस खाया करती थीं. करीब पांच साल पहले उनकी दादी की ब्लैडर कैंसर से मौत हो गई, लेकिन वेंडी आज भी इस आदत को उनसे जुड़ी यादों से जोड़कर देखती हैं.

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महिला खाती है कच्चा मांस
यूं तो कच्चा मांस खाना कुछ संस्कृतियों में असामान्य नहीं माना जाता. इथियोपिया और आर्कटिक क्षेत्रों के कुछ आदिवासी समुदायों में यह परंपरा रही है. बावजूद इसके, विशेषज्ञों का कहना है कि वेंडी का मामला बेहद खतरनाक है. कच्चे मांस में सैल्मोनेला, ई.कोलाई, लिस्टेरिया और कैंपाइलोबैक्टर जैसे खतरनाक बैक्टीरिया और परजीवी हो सकते हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं. शो के एक सीन में वह नेल सैलून में अपने पर्स से कच्चा बीफ निकालकर खाने लगती हैं, जिसे देखकर नेल टेक्नीशियन इतना घबरा जाता है कि वह उनका मैनीक्योर करने से ही मना कर देता है.

पेट में मिले बैक्टीरिया


उनके पार्टनर रॉबर्ट भी इस आदत से खास खुश नहीं हैं. रॉबर्ट के परिवार वालों ने एक बार उनके घर पर हुई पार्टी में इस मुद्दे पर नाराजगी जाहिर की. जब वेंडी ने सबके सामने कच्चा स्टीक खाना शुरू किया, तो एक रिश्तेदार ने कहा कि उन्हें उल्टी जैसा महसूस हो रहा है. परिवार का मानना है कि खाने की मेज पर इस तरह का व्यवहार स्वीकार करना मुश्किल है. परिवार की चिंता के चलते वेंडी अपनी जांच करवाती रहती हैं. मेडिकल जांच में सामने आया कि वेंडी की आंतों में ई.कोलाई बैक्टीरिया की पुरानी मौजूदगी है. हालांकि आमतौर पर ई.कोलाई से उल्टी, दस्त और बुखार जैसे लक्षण होते हैं, लेकिन वेंडी में कोई लक्षण नजर नहीं आए. डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय से इस बैक्टीरिया के संपर्क में रहने के कारण उनका शरीर इसके साथ 'एडजस्ट' कर चुका है, जो अपने आप में खतरनाक संकेत है. इससे बैक्टीरिया एंटीबायोटिक्स के प्रति भी प्रतिरोधी हो सकता है. डॉक्टरों की चेतावनी ने वेंडी को डरा दिया. उन्होंने माना कि अगर किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में एंटीबायोटिक्स काम न करें, तो जान का खतरा हो सकता है. इसके बाद उन्होंने कुछ नियम बनाने का फैसला किया. वेंडी अब कच्चा मांस खाना पूरी तरह बंद नहीं करेंगी, लेकिन अब ग्राउंड मीट नहीं खाएंगी और केवल अच्छे स्रोत से आए ग्रास-फेड मांस का ही सेवन करेंगी.