NPS Health Insurance Scheme 2026: मध्यम वर्ग के लिए बड़ी खबर, सिर्फ 1,000 रुपये से शुरू करें NPS हेल्थ योजना और पाएं 30 लाख का मेडिकल कवर
लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में खान-पान, घर के किराए, बिजली के बिल और बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में मध्यम वर्ग के लिए अपने मासिक बजट को संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होता है। परिवार में अचानक आई किसी बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के कारण पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी एक झटके में खर्च हो जाती है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार एक ऐसी विशेष सुविधा लेकर आई है, जो आपकी रिटायर्मेंट की बचत के साथ-साथ परिवार को बड़ा हेल्थ कवर भी प्रदान करती है।
क्या है NPS हेल्थ योजना और इसके प्रमुख हिस्से
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने इस योजना का संचालन करने के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। NPS Health नामक इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी पेंशन बचत के साथ एक हेल्थ फंड और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को एक साथ जोड़ा गया है। कानूनी और व्यावहारिक दृष्टि से NPS हेल्थ इन्वेस्टमेंट अकाउंट और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दो अलग-अलग हिस्से होंगे, लेकिन इस योजना में शामिल होने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना अनिवार्य रखा गया है। यह एक फैमिली फ्लोटर प्लान है, जिसमें आप, आपकी पत्नी और दो बच्चों को कवरेज मिलता है, हालांकि इसमें माता-पिता को शामिल नहीं किया जा सकता।
निवेश की राशि और सालाना चार्जेज के नियम
इस योजना की शुरुआत करने के लिए आवेदक को NPS हेल्थ अकाउंट में कम से कम 1,000 रुपये का शुरुआती निवेश करना होता है। इसके साथ ही पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम और लागू टैक्स जमा करना होगा। इसके बाद योजना में न्यूनतम योगदान की सीमा मात्र 10 रुपये तय की गई है। इस अकाउंट के रखरखाव के लिए 200 रुपये का वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज लागू होता है। इसके अलावा पेंशन फंड कंपनियां एनपीएस हेल्थ फंड पर सालाना अधिकतम 0.08 प्रतिशत तक का शुल्क ले सकती हैं।
30 लाख रुपये तक के इंश्योरेंस कवर के विकल्प और उम्र सीमा
सरकार की इस योजना के तहत सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में डिडक्टिबल और सम इंश्योर्ड के कई विकल्प दिए गए हैं। इसमें 10,000 रुपये के डिडक्टिबल पर 1 लाख रुपये का कवर मिलता है। इसी तरह 50,000 रुपये के डिडक्टिबल पर 5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये के डिडक्टिबल पर 10 लाख रुपये और 3 लाख रुपये के डिडक्टिबल पर 30 लाख रुपये तक का बड़ा हेल्थ कवर चुनने की सुविधा उपलब्ध है। उम्र सीमा की बात करें तो 18 से 70 वर्ष के नागरिक इस पॉलिसी को ले सकते हैं और शर्तों के अनुसार इसे 85 वर्ष की आयु तक रिन्यू कराया जा सकता है।
इलाज के लिए पैसे निकालने की सुविधा और कवर होने वाली बीमारियां
आपात स्थिति में अस्पताल के खर्चों को निपटाने के लिए पॉलिसीधारक अपने NPS हेल्थ अकाउंट में जमा कुल राशि का 25 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं। इस राशि का उपयोग अस्पताल में भर्ती होने के खर्च और मान्य ओपीडी (OPD) इलाज के लिए किया जा सकता है। यह पैसे सीधे मरीज को देने के बजाय सीधे अस्पताल के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। इस पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, डे-केयर प्रोसीजर, घर पर रखकर किया जाने वाला इलाज (डोमिसिलरी), आयुष (AYUSH) उपचार और आधुनिक मेडिकल तकनीकों से किए जाने वाले इलाज का पूरा कवरेज मिलता है।
क्या है NPS हेल्थ योजना और इसके प्रमुख हिस्से
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने इस योजना का संचालन करने के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। NPS Health नामक इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी पेंशन बचत के साथ एक हेल्थ फंड और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को एक साथ जोड़ा गया है। कानूनी और व्यावहारिक दृष्टि से NPS हेल्थ इन्वेस्टमेंट अकाउंट और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी दो अलग-अलग हिस्से होंगे, लेकिन इस योजना में शामिल होने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना अनिवार्य रखा गया है। यह एक फैमिली फ्लोटर प्लान है, जिसमें आप, आपकी पत्नी और दो बच्चों को कवरेज मिलता है, हालांकि इसमें माता-पिता को शामिल नहीं किया जा सकता।
निवेश की राशि और सालाना चार्जेज के नियम
इस योजना की शुरुआत करने के लिए आवेदक को NPS हेल्थ अकाउंट में कम से कम 1,000 रुपये का शुरुआती निवेश करना होता है। इसके साथ ही पहले साल का इंश्योरेंस प्रीमियम और लागू टैक्स जमा करना होगा। इसके बाद योजना में न्यूनतम योगदान की सीमा मात्र 10 रुपये तय की गई है। इस अकाउंट के रखरखाव के लिए 200 रुपये का वार्षिक मेंटेनेंस चार्ज लागू होता है। इसके अलावा पेंशन फंड कंपनियां एनपीएस हेल्थ फंड पर सालाना अधिकतम 0.08 प्रतिशत तक का शुल्क ले सकती हैं।
30 लाख रुपये तक के इंश्योरेंस कवर के विकल्प और उम्र सीमा
सरकार की इस योजना के तहत सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में डिडक्टिबल और सम इंश्योर्ड के कई विकल्प दिए गए हैं। इसमें 10,000 रुपये के डिडक्टिबल पर 1 लाख रुपये का कवर मिलता है। इसी तरह 50,000 रुपये के डिडक्टिबल पर 5 लाख रुपये, 1 लाख रुपये के डिडक्टिबल पर 10 लाख रुपये और 3 लाख रुपये के डिडक्टिबल पर 30 लाख रुपये तक का बड़ा हेल्थ कवर चुनने की सुविधा उपलब्ध है। उम्र सीमा की बात करें तो 18 से 70 वर्ष के नागरिक इस पॉलिसी को ले सकते हैं और शर्तों के अनुसार इसे 85 वर्ष की आयु तक रिन्यू कराया जा सकता है।
इलाज के लिए पैसे निकालने की सुविधा और कवर होने वाली बीमारियां
आपात स्थिति में अस्पताल के खर्चों को निपटाने के लिए पॉलिसीधारक अपने NPS हेल्थ अकाउंट में जमा कुल राशि का 25 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं। इस राशि का उपयोग अस्पताल में भर्ती होने के खर्च और मान्य ओपीडी (OPD) इलाज के लिए किया जा सकता है। यह पैसे सीधे मरीज को देने के बजाय सीधे अस्पताल के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। इस पॉलिसी के तहत अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, डे-केयर प्रोसीजर, घर पर रखकर किया जाने वाला इलाज (डोमिसिलरी), आयुष (AYUSH) उपचार और आधुनिक मेडिकल तकनीकों से किए जाने वाले इलाज का पूरा कवरेज मिलता है।
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