RBI की नई पहल: वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल तरीके से कराएं अपनी KYC
आज के डिजिटल युग में बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाना बहुत सरल हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक की नई सुविधाओं के कारण अब बैंक के चक्कर लगाने की जरूरत कम होती जा रही है। अब कोई भी व्यक्ति अपने घर की सुविधानुसार अपना या अपने परिवार के किसी भी सदस्य का बैंक खाता खोल सकता है। तकनीक के माध्यम से बैंकिंग क्षेत्र में आए इस बदलाव ने न केवल समय की बचत की है बल्कि पूरी प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बना दिया है।

क्या है वीडियो KYC
वीडियो KYC एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसके माध्यम से बैंक का अधिकारी वीडियो कॉल पर ग्राहक से सीधे बात करता है। इस प्रक्रिया में ग्राहक की पहचान की पुष्टि लाइव कॉल के दौरान ही कर ली जाती है। इसे एक पूरी तरह सुरक्षित और मान्य तरीका माना जाता है। इस सुविधा का लाभ बैंक द्वारा तय किए गए कार्य समय के दौरान कभी भी उठाया जा सकता है। इससे उन लोगों को बहुत सुविधा होती है जो व्यस्तता या अन्य कारणों से बैंक की शाखा तक नहीं पहुंच पाते हैं।जरूरी दस्तावेज और तैयारी
इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। ग्राहक के पास अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और डिजीलॉकर में मौजूद पहचान पत्र होने चाहिए। इसके साथ ही एक अच्छे इंटरनेट कनेक्शन वाला स्मार्टफोन या लैपटॉप जरूरी है ताकि वीडियो कॉल में कोई बाधा न आए। लाइव कॉल के दौरान बैंक अधिकारी ग्राहक के असली दस्तावेजों को कैमरे के सामने दिखाने के लिए कहते हैं और ग्राहक की फोटो भी क्लिक की जाती है।CKYC की महत्वपूर्ण भूमिका
सेंट्रल केवाईसी या CKYC एक ऐसा डिजिटल डेटाबेस है जहाँ बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा ग्राहकों की जानकारी सुरक्षित रखी जाती है। जब कोई व्यक्ति पहली बार अपनी KYC प्रक्रिया पूरी करता है, तो उसे 14 अंकों का एक यूनिक नंबर मिलता है जिसे KIN (KYC Identification Number) कहा जाता है। यह नंबर एक डिजिटल पहचान की तरह काम करता है जो भविष्य में बार-बार दस्तावेज जमा करने की झंझट को खत्म कर देता है।CKYC के फायदे
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यदि किसी व्यक्ति के पास KIN नंबर है, तो उसे किसी नए बैंक में खाता खोलने या बीमा पॉलिसी लेने के लिए दोबारा से लंबी कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। बस अपना KIN नंबर साझा करने से काम बन जाता है। इससे न केवल बैंकों का काम आसान होता है बल्कि ग्राहकों को भी बार-बार फोटोकॉपी और फॉर्म भरने से आजादी मिलती है।किन संस्थानों में है मान्य
यह प्रणाली केवल बैंकों तक ही सीमित नहीं है। CKYC की प्रक्रिया का पालन वे सभी संस्थान करते हैं जो RBI, SEBI, IRDAI और PFRDA के अंतर्गत आते हैं। इसमें म्यूचुअल फंड कंपनियां, बीमा कंपनियां, शेयर बाजार से जुड़े डीमैट अकाउंट और पेंशन सेवाएं भी शामिल हैं। एक बार की मेहनत से इन सभी क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएं लेना आसान हो जाता है।पंजीकरण की सरल प्रक्रिया
जब कोई ग्राहक पहली बार किसी बैंक या वित्तीय संस्थान की सेवा लेता है, तो वह संस्थान उस व्यक्ति की जानकारी को CERSAI के पास पंजीकृत करता है। इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसे पते के प्रमाण और एक फोटो की जरूरत होती है। पंजीकरण सफल होने के बाद ग्राहक को SMS या ईमेल के जरिए उसके KIN नंबर की जानकारी दे दी जाती है। इस प्रकार डिजिटल बैंकिंग की यह यात्रा पूरी तरह से कागज रहित और सुरक्षित हो जाती है।Next Story