PFRDA NPS Swasthya: अब पेंशन के साथ मिलेगा इलाज का खर्च, जानें क्या है नई 'NPS स्वास्थ्य' योजना

रिटायरमेंट की प्लानिंग करते समय हमारे मन में सबसे बड़ा डर बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों और उनके महंगे इलाज का होता है। अक्सर लोग पेंशन फंड तो जमा कर लेते हैं, लेकिन अचानक आई कोई मेडिकल इमरजेंसी उनकी सारी जमा-पूंजी खत्म कर देती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पेंशन नियामक संस्था PFRDA (पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
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PFRDA ने हाल ही में 'NPS स्वास्थ्य' (NPS Swasthya) नामक एक नई योजना पेश की है। यह योजना नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के दायरे में ही काम करेगी, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। आइए जानते हैं कि यह योजना आपके लिए कितनी फायदेमंद है और यह कैसे काम करती है।

क्या है 'NPS स्वास्थ्य' योजना?

NPS स्वास्थ्य एक विशेष पेंशन योजना है जिसे PFRDA ने 'रेगुलेटरी सैंडबॉक्स' के तहत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। इसका मतलब है कि अभी इसे सीमित समय और कंट्रोल्ड वातावरण में परखा जा रहा है। यह योजना उन लोगों के लिए है जो अपनी पेंशन बचत का एक हिस्सा भविष्य में होने वाले इलाज (अस्पताल में भर्ती होने या सामान्य इलाज) के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं।


योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ

1. फंड ट्रांसफर की सुविधा अगर आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है, तो आप अपने मौजूदा NPS खाते (कॉमन स्कीम अकाउंट) से 30 प्रतिशत तक की राशि इस नए 'NPS स्वास्थ्य' खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा अभी सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं है।

2. इलाज के लिए आसान निकासी इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसकी फ्लेक्सिबिलिटी है। आप ओपीडी (OPD) या अस्पताल में भर्ती (IPD) होने के खर्चों के लिए इस खाते से पैसे निकाल सकते हैं।


आप अपने कुल योगदान का 25 प्रतिशत तक निकाल सकते हैं।

इसके लिए किसी लंबी प्रतीक्षा अवधि (waiting period) की जरूरत नहीं है।

बस शर्त यह है कि आपके खाते में कम से कम 50,000 रुपये का फंड जमा होना चाहिए।

3. गंभीर बीमारी में 100% निकासी का विकल्प अगर किसी ग्राहक को ऐसी गंभीर बीमारी होती है जिसका इलाज का खर्च उसके कुल जमा फंड के 70 प्रतिशत से अधिक है, तो वह 'प्री-मैच्योर एग्जिट' कर सकता है। ऐसी स्थिति में, वह इलाज के लिए अपनी पूरी जमा राशि (100%) एकमुश्त निकाल सकता है।


4. निवेश का तरीका इस खाते में जमा किए गए पैसे को पेंशन फंड मैनेजर्स द्वारा निवेश किया जाएगा। इसके निवेश नियम और चार्जेस वही होंगे जो NPS की अन्य योजनाओं (MSF) के लिए तय किए गए हैं। इसमें हेल्थ बेनिफिट एडमिनिस्ट्रेटर (HBA) के शुल्क भी शामिल हो सकते हैं।

कौन जुड़ सकता है इस योजना से?

भारत का कोई भी नागरिक इस योजना का हिस्सा बन सकता है। इसके लिए ग्राहक का एक सामान्य NPS खाता होना अनिवार्य है। अगर आपके पास पहले से NPS खाता नहीं है, तो 'NPS स्वास्थ्य' के साथ आपका एक सामान्य अकाउंट भी खोल दिया जाएगा।

यह योजना क्यों है खास?

आमतौर पर NPS का पैसा लंबे समय के लिए लॉक रहता है और इसे निकालना कठिन होता है। लेकिन NPS स्वास्थ्य के माध्यम से PFRDA ने पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़ दिया है। यह न केवल आपको रिटायरमेंट के बाद एक नियमित आय की सुरक्षा देता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज के लिए पैसा भी उपलब्ध कराता है।